शकील अख़्तर,इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। भारत रंग महोत्सव, दिल्ली में 17 और 18 फरवरी को रंगमंच की नई दृश्य या विजुअल भाषा पर बेहद अहम सत्र आयोजित हो रहे हैं। इसमें देश और दुनिया के ख्यात कला दिग्गज अपने विचार रखेंगे। यह जानकारी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के एसोसियेट प्रोफेसर अभिलाष पिल्लई ने दी। इंदौर स्टुडियो से अपनी बातचीत के इस वीडियो में उन्होंने रंगमंच की उन हस्तियों के नाम भी बताएं हैं जो इन सत्रों को विशेष रूप से संबोंधित करने जा रहे हैं। यह सत्र 17 और 18 फरवरी को दोनों ही दिन दोपहर दो से चार और सवा चार से सवा छह बजे तक दो-दो घंटे के होंगे। देखिये प्रो.अभिलाष पिल्लई का ये ख़ास वीडियो।
प्रोफेसर अभिलाष के मुताबिक, इन सत्रों में भारत से डॉ. नीलम सिंह चौधरी,डॉ.अनुराधा कपूर,डॉ. अमित परमेश्वरन, प्रो. आशीष सेनगुप्ता,एमके रैना, अनुरूपा रॉय, ज्योति डोगरा, माया कृष्णा राव, जेहन मानेकशॉ, संकर व्यंकेटश्वरण और विदेश से डैनियेला फ्रान्ज़ेक ( स्विट्ज़रलैंड ),मारीआना विन्स्टीन (उरुगवे ), सुज़ैन ग्रैन्ज़र (ऑस्ट्रिया), सरोजिनी ल्यूविस ( नीदरलैंड ) सम्मिलित होने के लिये पहुंच रहे हैं। इन सत्रों में शामिल हो रहे रंगमंच के ये दिग्गज थिएटर में नई विजुअल भाषा पर अपने अनुभव रखेंगे। अपने प्रयोगों के आधार पर ये बताएंगे कि आखिर आज रंगमंच की नई दृष्य भाषा कैसे बदल रही है? देश और दुनिया के रंगमंच पर किस तरह के प्रयोग हो रहे हैं। वो कौन-सी कला विधाएं हैं जिनका आज रंगमंच पर मिलन हो रहा है और उनका नये मंचनों और प्रदर्शनों में सदुपयोग हो रहा है। उन्होंने भारत रंगमंच में आने वाले दर्शकों के साथ ही रंगमंंच विधा से जुड़े कलाकारों से अपील की है कि वे इन सत्रों में ज़रूर शामिल हों। इससे उन्हें अपने वक्त में कला को नई ऊंचाईया देने और उन्हें आज के हिसाब से विकसित करने में मदद होगी। एक तरह से यह उनके लिये अध्ययन और शोध के विशेष सत्र होंगे।

