कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। इदौर में ‘सूत्रधार’ संस्था द्वारा स्थानीय रविंद्र नाट्य गृह में 2 दिवसीय ‘एकांकी नाट्य स्पर्धा’ का आयोजन हाल ही में संपन्न हुआ । स्पर्धा में 20 एकांकी नाटकों का मंचन हुआ। आज के मुद्दों और सवालों से जुड़ी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां मंचित की गईं। इन बेहतरीन प्रस्तुतियों ने नौजवानों के रंगमंच से नई उम्मीदें जगा दीं।
*पंचलाइट का सर्वश्रेष्ठ पंच* स्पर्धा में प्रयास थ्रीडी के एकांकी ‘पंचलाइट’ को पहला, नटरंग के नाटक ‘दृष्टि’ को दूसरा और सहस्त्रार के ‘सन 2015’ को तीसरा पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ निर्देशक अश्विन वर्मा रहे। उनके बाद के क्रमों में तपन शर्मा और अभिनव देशमुख को भी निर्देशन के लिये पुरस्कृत किया गया।
*तपन शर्मा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता* एकांकी में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिये पहला पुरस्कार तपन शर्मा (सन् 2025), दूसरा पुरस्कार रेहान (तफ़तीश) और तीसरा पुरस्कार आदित्य बड़ोदे (मध्यातंर) के लिये दिया गया। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पहला पुरस्कार अनमोल ठाकुर ने एकांकी ‘दृष्टि’ के लिये जीता। दूसरा पुरस्कार डिम्पल अग्रवाल (जिन लाहौर नहीं वेख्या) और तीसरा पुरस्रा सिमरन सिंह (कन्यादान) को मिला। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ट लाला हरदौल सिंह को मिला। जबकि संगीत संयोजन के लिये दो नाटकों पंचलाइट और हरिनाकुस को मिले। मंच सज्जा के लिये भी हरिनाकुस को पहला और दृष्टि नाटक को दूसरा पुरस्कार दिया गया। वहीं वर्चुअल एकांकी प्रतियोगिता के लिये ईशिता जोशी को पहला,श्रुतिका जोग को दूसरा और सौम्या व्यास को तीसरा पुरस्कार मिला।
*मुंबई के इक़बाल नियाज़ी ने की शिरकत* आयोजन में मुंबई के प्रख्यात ड्रामा निगार इक़बाल नियाज़ी ने शिरकत की। आयोजन में वे बतौर जज वरिष्ठ रंग निर्देशकों डॉ.सुरेंद्र यादव और सुनील मतकर के साथ शामिल हुए। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाले इस कॉम्पिटिशन में इंदौर और दिल्ली के प्रमुख नाट्य समूहों ने अपने बेहतरीन नाटक पेश किये। सूत्रधार संस्था के चेयरमैन सत्य नारायण व्यास ने यह सफल आयोजन किया और विजेताओं को संस्था की तरफ से कई पुरस्कार प्रदान किये।
*वेब सिरीज़ में अभिनय का प्रस्ताव* इक़बाल नियाज़ी ने अपने सम्बोधन में जहां कलाकारों का हौसला बढ़ाया वहीं उन्होंने अपने प्रस्तावित वेब सिरीज़ में कलाकारों को काम करने का प्रस्ताव भी दिया। अपनी प्रतिक्रिया में सुरेंद्र यादव ने फेस बुक पर लिखा है कि इस एकांकी स्पर्धा में सभी प्रस्तुतियां एक से बढ़कर एक थीं। निर्णय करना मुश्किल था कि किस एकांकी या कलाकार को पुरस्कृत करें। दो दिन तक लगातार मंचन एक स्वप्न की तरह बीते। रंगकर्म की नई आशा जगा गये। आयोजन में तपन मुखर्जी,सुशील जौहरी और प्रांजल श्रोत्रिय जैसे इंदौर के वरिष्ठ रंगकर्मी और अभिनेताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया। आयोजन में शिरकत की।

