सुभाष अरोरा, इंदौर स्टूडियो। पंजाब की धरती बाढ़ की मार से कराह रही थी, तब कलाकारों ने अपने रंगों से उम्मीद की एक किरण जगाई। चंडीगढ़ के सेक्टर 16 में मौजूद पंजाब कला भवन में 17 सितंबर से आरंभ हुई। बाढ़ राहत की यह कला प्रदर्शनी अब 30 सितंबर तक जारी रहेगी। प्रदर्शनी से ख़रीदी गई कलाकृतियों के बारे में पंजाब ललित कला अकादमी के अध्यक्ष गुरदीप धीमान ने कहा, “यह सिर्फ कला नहीं, यह करुणा है। यह रंग नहीं, यह राहत है।” नीचे दिये गये चित्र उन ख़रीदारों के हैं जिन्होंने कलाकृतियां ख़रीदकर अपना योगदान दिया है।
171 कलाकारों ने अपनी 471 कलाकृतियाँ: बाढ़ से राहत की इस प्रदर्शनी में देश भर के 171 कलाकारों ने अपनी 471 कलाकृतियाँ नि:शुल्क उपलब्ध कराईं, ताकि उनके रंगों से राहत की रेखाएँ खींची जा सकें। पेंटिंग्स, मूर्तियाँ, कैलीग्राफी, फोटोग्राफ्स, डिजिटल आर्ट और मिक्स मीडिया—हर विधा ने एक ही स्वर में कहा- ‘हम साथ हैं’।
90 से अधिक कलाकृतियाँ ख़रीदी गईं: बाढ़ ग्रस्त पंजाब के पीड़ितों के लिये तक 90 से अधिक कलाकृतियाँ खरीदी जा चुकी हैं। इनसे ₹11 लाख की सहायता राशि एकत्र हुई है। इनमें से 14 फ्रांस, 4 अमेरिका, 1 ऑस्ट्रेलिया और 1 दैनिक भास्कर द्वारा खरीदी गईं। यह दर्शाता है कि यह पुकार सीमाओं से परे गूंज रही है।
सुश्री मिनी जी ने की शुरूआत: बाढ़ राहत कला प्रदर्शनी के प्रयास की शुरुआत सुश्री मिनी जी ने की थी, जिसे पंजाब कला भवन का भरपूर सहयोग मिला। वरिष्ठ कलाकारों से लेकर नवोदित प्रतिभाओं तक, सभी ने इस मानवीय अभियान को अपना हृदय सौंप दिया। यह कला प्रदर्शनी एक उदाहरण है कि जब कला और करुणा मिलती हैं, तो समाज की सबसे बड़ी पीड़ा भी सहारा पा सकती है।
चंडीगढ़ के कला प्रेमियों से विनम्र अपील: कलाकारों ने कला प्रेमियों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शनी को ज़रूर देखें। इसे अपना समर्थन और योगदान दें। इस पवित्र अनुष्ठान में अपनी भागीदारी से इसे और भी अर्थपूर्ण बनाएं। क्योंकि जब एक ब्रश किसी पीड़ित की ओर बढ़ता है, तो वह सिर्फ रंग नहीं बिखेरता,नई उम्मीद जगाता है।
एक नज़र पंजाब में आई बाढ़ पर: पंजाब ने हाल ही में बाढ़ का भीषण दंश झेला है। बाढ़ से बचाव और राहत के लिये हर समुदाय के लोगों ने अपनी-अपनी तरह से सहायता दी है। यह योगदान और सहायता ने आपसी सुख-दु:ख बांटने के साथ ही सदभावना की एक नई मिसाल भी कायम की है।
उफान के कारण भीषण बाढ़ आई: पंजाब में सतलज, ब्यास और रावी नदियों में उफान के कारण भीषण बाढ़ आई, जिससे राज्य के लगभग सभी 23 जिले प्रभावित हुए। इस आपदा के कारण 50 से अधिक लोगों की जान चली गई और लाखों लोग प्रभावित हुए, साथ ही हजारों गाँवों में पानी भर गया। बाढ़ ने कृषि को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिसमें लगभग पाँच लाख एकड़ में फसलें तबाह हो गई हैं, जिससे किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुफ्त बीज और अन्य वित्तीय सहायता की घोषणा की है। कुल नुकसान का अनुमान हजारों करोड़ रुपये में है। (इस रिपोर्ट के लेखक सुभाष अरोरा प्रतिष्ठित मूर्तिकार और कला समीक्षक हैं। इंदौर स्टूडियो के लिये विशेष तौर पर लिखते हैं।) आगे पढ़िये -होमबाउंड की ऑस्कर में एंट्री, एमपी के लिये भी गौरव की बात https://indorestudio.com/homebound-mp-ka-gaurav/











