रियल हीरो बने पकंज त्रिपाठी, पेश की प्रेरक और अनूठी मिसाल

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अहमद ख़ान, इंदौर स्टूडियो। ज़मीन से जुड़े अभिनेता पकंज त्रिपाठी की जितनी तारीफ़ की जाये कम है। उन्होंने औरों के लिये एक मिसाल पेश की है। इस अभिनेता ने उस सरकारी स्कूल का जीर्णोद्धार कराया है, जिसमें वे कभी पढ़ा करते थे। इसके लिये उन्होंने अपने माता-पिता के नाम से बने एक ट्स्ट के ज़रिये धन एकत्रित किया। इस काम में उन्हें उस पेंट कंपनी ने भी मदद की, जिसके वे ब्रांड एम्बेसडर हैं, इस तरह वे समाज के एक रियल हीरो बनकर सामने आये हैं। गोपालगंज के स्कूल में निर्माण: यह बात बिहार के गोपालगंज के उस गाँव की है, जहाँ के पकंज निवासी हैं। स्कूल में रेनोवेशन का यह काम कैसे शुरू हुआ, इसके बारे इस नेकदिल अभिनेता ने कहा -‘असल में गोपालगंज के ज़िला प्रशासन ने गोपालगंज गौरव नाम से एक ऐप बनवाया है। इसको लेकर वहाँ एक बैठक आयोजित की गई थी। मकसद था कि जो लोग गोपालगंज के रहने वाले हैं मगर वे अब शहर से बाहर रहते हैं, वे चाहें तो शहर में होने वाले विकास के कामों में अपना योगदान दे सकते हैं। यहाँ होने वाले समाज सेवा से जुड़े कामों का हिस्सा बन सकते हैं। इस बैठक के दौरान मेरी अपने मिडिल स्कूल के प्रिसिंपल से मुलाक़ात हुई। उन्होंने स्कूल के बारे में बताया कि वहाँ पर न गेट है ना बाउंड्री वॉल है। इस वजह से स्कूल के बच्चे दौड़ते हुए सीधे सड़क पर पहुँच जाते हैं। जो खतरनाक भी है। उनकी बात से मुझे लगा कि मुझे इस काम में स्कूल की मदद करना चाहिये। बड़े भाई के साथ बनाई योजना: पकंज त्रिपाठी ने कहा, मैंने इस विषय में अपने बड़े भाई के साथ मिलकर पूरी योजना तैयार की । फिर पैसों का इंतज़ाम शुरू किया। मगर स्कूल का निरीक्षण के दौरान मैंने यह भी देखा कि कई जगह से दीवारे टूट-फूट गई है। प्लास्टर उखड़ गया है। दीवारों के रंग पूरी तरह से ख़राब हो चुके हैं। इसके साथ वहाँ बिजली की दिक्कत का पता चला। पंखों की भी ज़रूरत थी। यह सब देख समझकर हमने अपने माता-पिता के नाम से बनाये गये एक ट्रस्ट के ज़रिये और अधिक धन जुटाने की कोशिश की। इसके बाद स्कूल के बुनियादी ढांचे को सुधारने और नये निर्माण आदि का काम शुरू हुआ।औरों को प्रेरित करने वाला काम: यह सब करते हुए मुझे लगा कि समाज में इस तरह की सेवाओं के काम और लोगों को भी अपने शहर में अच्छे कामों को करवाने के लिये प्रेरित कर सकते हैं। ख़ुशी की बात ये भी रही कि स्कूल प्रोजेक्ट में मुझे अपनी उस पेंट कंपनी का भी बड़ा सहयोग मिला, जिसका मैं ब्रांड एम्बेसडर हूँ। कंपनी ने स्कूल की दीवारों के रंग रोगन और बिजली के उपकरण लगाने में हमारी मदद की। इसके अलावा हमने बिजली को सुचारू रूप से मिलते रहने के लिये सोलर पैनल भी स्थापित करवा दिये। अब हम स्कूल में एक अच्छी लायब्रेरी बनवाने का काम आगे बढ़ा रहे हैं।
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