Wednesday, May 13, 2026
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सभ्यता का पैमाना देश की विरासत और संस्कृति

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। ‘किसी भी देश की संस्कृति और उसकी विरासत उस देश की सभ्यता का पैमाना होता है’। यह बात संस्कृति मंत्रालय के सदस्य डॉ. भरत शर्मा ने कही। श्री शर्मा ‘पंचकन्या वेलफेयर फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित ‘कला संस्कृति लोकमंच’ के कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा- ‘भारतीय संस्कृति वास्तव में वसुधैव कुटुम्बकम्, अहिंसा, त्याग, सत्यमार्ग पर चलने के साथ ही देश प्रेम, माता-पिता और गुरू के प्रति सम्मान भाव के साथ ही अध्यात्मक के प्रति समर्पण की संस्कृति है’। कार्यक्रम में शामिल हुए विशिष्ट अतिथि: लोकमंच का यह कार्यक्रम हाल ही में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साभागार में हुआ। इसमें सांसद शंकर लालवानी, मध्यप्रदेश की संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, झारखंड से आईं महापौर आशा लाकरा, दिल्ली से डॉ. कुमुद शर्मा भी शामिल हुए। सभी ने युवाओं के समक्ष अपने प्रेरक विचार रखें। संस्कृति मंत्री ने दी संस्था को बधाई: संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने संस्था को बधाई दी। उन्होंने ऐसे आयोजन के सामयिक महत्व पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि किस तरह ‘संस्कृति लोक मंच’ का गठन हुआ। संस्था किस तरह से संस्कृति के उन्नयन और संरक्षण के लिए अपना काम कर रही है। झारखंड से आईं महापौर आशा लाकरा ने लोक संस्कृति और भारतीय परंपराओं पर अपने विचार रखे। दिल्ली की कुमुद शर्मा ने  सांस्कृतिक उन्नयन के लिये साहित्यिक महत्व पर विचार रखे। अतिथियों का स्वागत और आभार ‘पंचकन्या वेलफेयर फाउंडेशन’ की अध्यक्षा समीक्षा नायक माना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संस्कृतिकर्मी, कला प्रेमी और कलाकार मौजूद थे। आगे पढ़िये-

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