कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टुडियो। सबसे बड़ा धर्म मानव धर्म है। सीधी में जारी राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला में बतौर अतिथि प्रशिक्षक इन्द्रशरण सिंह ने यह बात वेद-पुराण,उपनिषद की व्याख्या करते हुए कही। उन्होंने कहा, आज के समय में जाति और धर्म के नाम पर मानव को लड़ाया जा रहा है लेकिन जाति व्यवस्था जो सनातन काल में बनाई गई थी वह कर्म और योग्यता पर आधारित थी। आज उसका अर्थ बदल दिया गया है जो बिल्कुल ही गलत है, इसे समझने की आवश्यकता है। विभिन्न भ्रांतियों को ख़त्म कर मानव धर्म निभाने का समय आ गया है।
प्रारंभ में इंद्रवती नाट्य समिति के निदेशक नीरज कुंदेर ने अतिथि प्रशिक्षक का स्वागत किया। जबकि अंत में कार्यशाला निर्देशक रोशनी प्रसाद मिश्र ने आभार व्यक्त किया। कार्यशाला इंद्रवती नाट्य समिति द्वारा आयोजित है। प्रबंधन आर्ट ऑन क्लिक का है, संयोजन एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसाइटी और समन्वयन रंगपटल आर्ट सोसाइटी कर रही है।

