कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टुडियो। इंदौर में युवा रचनाकारों की कविता संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन और संचालन कुमार देशबंधु ने किया। कुमार देशबंधु ने शुरूआती परिचय में कहा, इंसान के विचार उसकी वास्तविक पहचान होते हैं। उन्होंने प्रेम को लेकर लिखी अपनी कविता में कहा-
तुम चुप चुप मुझे इस तरह देखा मत करो
तुम खुद जीकर, मुझे इस तरह मारा मत करो
युवा कवि अंकित ने पढ़ा –
अंजान के रास्ते, किसी से कोई वास्ता नहीं
सफर भी तो मेहनत का है, यह कोई आम रास्ता नही!
राजेश कराले ने जीवन पर लेख की प्रस्तुति। जबकि कुछ युवा कवियों नें Online मोड में कविता पाठ किया। कार्यक्रम में खुशी ठाकुर, सिवानंद तिवारी, सलोनी, कृष्णा यादव, पीयूष, चयन नागर आदि ने भाग लिया।

