सिने प्रतिनिधि,इंदौर स्टुडियो। ‘ सही विषय-वस्तु महत्वपूर्ण है, अगर हम सही विषय-वस्तु का सृजन करते हैं, तो फिल्म राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जाएगी। निश्चित ही हम आपकी प्रतिभा और सभी के सहयोग से आईएफएफआई (IFFI) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिये संकल्पित है।’ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने 52 वें आईएफएफआई के शुरुआती कार्यक्रम में यह बात कही। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर भी मौजूद थे।
भारतीय पैनोरमा सेक्शन की शुरूआत :
रविवार 21 नवंबर को पणजी में भारतीय पैनोरमा सेक्शन की शुरुआत की गई। दिमासा भाषा की पहली फिल्म सेमखोर समारोह की पहली फ़िल्म है। अनुराग ठाकुर ने अपने संबोंधन में यह भी कहा कि “पहले फिल्म समारोहों में केवल अभिनेताओं, निर्देशकों और निर्माताओं को सम्मानित किया जाता था, लेकिन अब हम तकनीशियनों जैसे पृष्ठभूमि के लोगों को भी सम्मानित कर रहे हैं, जो फिल्म को पूरा करते हैं।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं से भारत में आकर शूटिंग करने का भी आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने समारोह में स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर को भी याद किया। उन्होंने फिल्मोत्सव को गोवा के तटों पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सेमखोर और वेद की निर्माता टीम सम्मानित :
समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने अनुराग सिंह ठाकुर के साथ सेमखोर (फीचर) और वेद- द विजनरी (गैर-फीचर) के फिल्म निर्माताओं व टीम को सम्मानित किया। साथ ही उन्हें भागीदारी का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा, “मैं कोई फिल्म समीक्षक या उत्साही सिनेमा प्रेमी नहीं हूं, लेकिन मैंने हमेशा भारतीय पैनोरमा को देखा है, हमारी फिल्में हमारे समाज कैसे दर्शाती हैं। मैं यह गर्व के साथ कह सकता हूं कि भारतीय फिल्मों ने हमारे समाज की आकांक्षाओं, जरूरतों और संघर्षों को खूबसूरती से दिखाया है।”
सही विषय-वस्तु का सृजन सिनेमा के लिये महत्वपूर्ण: अनुराग सिंह ठाकुर
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