Wednesday, May 13, 2026
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सईं परांजपे को क्यों आई दादा और मां की याद ? सात हिट फिल्मों की लेखिका,निर्देशिका से जानिये कैसे वो बनी सफल फिल्मकार

10 अप्रैल,नई दिल्ली ( इंदौर स्टुडियो )। थिएटर ओलम्पिक की ‘लिविंग लीजेंड’ सिरीज़ के तहत हाल ही में मशहूर फिल्मकार और रंगकर्मी सईं परांजपे दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा आईं थीं। सईं परांजपे एनएसडी की पूर्व छात्रा रही हैं। स्पर्श,कथा और चश्मे बद्दूर जैसी 7 बड़ी फिल्मों की वे लेखिका और निर्देशक रही हैं। थिएटर, आकाशवाणी और दूरदर्शन से जुड़ी कई उपलब्धियां उनके नाम हैं। यहां हम एनएसडी के मंच पर उनसे मुलाकात और बातचीत का एक ख़ास इंटरव्यू शेयर कर रहे हैं। इसमें वो बता रही हैं कि उनके जीवन पर अप्पा यानी दादाजी और मां यानी शकुंतला परांजपे का जबरदस्त प्रभाव पड़ा। मां की परवरिश और दादा की पर्सनैलिटी ने उनके बाल मन पर ऐसा असर डाला कि वो बचपन में ही एक बड़े रचनात्मक सफर के लिये तैयार हो गईं। उनके जीवन में कैसे मोड़ और मकाम आये, कैसे उन्होंने विशिष्ट उपलब्धियां और सफलताएं अर्जित की ,यह जानने के लिये देखिये उनका यह दिलचस्प और प्रेरक इंटरव्यू।

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