इंदौर स्टूडियो डॉट कॉम। अपने विशिष्ट रेखांकनों से देश में पहचान रखने वाले इंदौर के चित्रकार संदीप राशिनकर के एक बार फिर देश की कई पत्र-पत्रिकाओं में रेखांकन प्रकाशित हुए हैं। देश की सैकड़ों पत्र-पत्रिकाओं में उनके अनगिनत रेखांकन प्रकाशित हो चुके हैं। ख़ास बात यह है कि उनके रेखांकनों के प्रकाशन का सिलसिला अनवरत जारी रहता है। उनके रेखांकनों की शैली अनूठी और आम कलाकारों से भिन्न है।
हाल ही में संदीप राशिनकर के रेखांकन साहित्य अकादमी दिल्ली की ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ ,भारतीय ज्ञानपीठ दिल्ली द्वारा प्रकाशित पद्मा सचदेवजी की कृति ‘इन बीन’ ,’वनिता’, लखनऊ से श्री राम नगीना मौर्यजी की कृति ‘मन बोहेमियन’,जयपुर से श्री विनय त्रिवेदीजी की श्रृंखला ‘रुबरु’ , चेन्नई से ‘पुष्पांजलि’, हैदराबाद से ‘ गोलकोण्डा दर्पण’ व दैनिक ‘ शुभ लाभ’ , उत्तरप्रदेश से ‘नवकिरण’ , राजस्थान के श्री टीकम चन्दर ढोडरिया की कृति ‘मेरी मधुशाला’, भोपाल से ‘प्रेरणा’ व ‘समीरा’ और इंदौर से संतोष सुपेकर/राम मूरत राही की कृति ‘अनाथ जीवन का दर्द’ आदि ने पब्लिश किया है।
यहां उन्हीं पत्र-पत्रिकाओं के साथ ही उनके किये काम के कुछ चित्र पाठकों अवलोकनार्थ प्रकाशित किये गये हैं।

