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कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। शिक्षा संस्कार, सामर्थ्य और प्रगतिशील विचारों की जननी है। संस्कृति मंत्रालय के सदस्य डॉ. भरत शर्मा ने दिल्ली पब्लिक स्कूल (इंदौर) के वार्षिक समारोह में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री हरि मोहन गुप्ता ने की। कार्यक्रम में घुड़सवारी एथलीट सुश्री सुदीप्ति हजेला और जागरण लेक यूनिवर्सिटी के अभिषेक मोहन गुप्ता भी शामिल हुए।
उत्कृष्ट विद्यार्थी पुरस्कृत किये गये: की शुरुआत सरस्वती पूजन से की गई। डीपीएस इंदौर के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. धरम वर्मा ने स्वागत भाषण के बाद विद्यालय की सालाना गतिविधि की जानकारी दी। बाद में अतिथियों द्वारा शिक्षा, खेल, संस्कृति और सेवा कार्य से जुड़े उत्कृष्ट विद्यार्थियों को नक़द राशि, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
शांति और सद्भाव दर्शाती नाट्य प्रस्तुति: विद्यालय के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक नृत्य नाटिका ‘अब और युद्ध नहीं’ में सम्राट अशोक के जीवन की झलक के माध्यम से शांति और सद्भाव के महत्व को दर्शाया गया। एक गाथा-गीत के रूप में प्रस्तुत प्रसिद्ध क्लासिक ‘अलीबाबा और फोर्टी थीव्स’ ने बुद्धि और तर्क के महत्व का पता लगाया जो प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में मदद करता है। संगीतमय प्रस्तुति, ‘अक्स – प्रतिबिम्ब सुरों का’ ने दर्शकों को भावनात्मक धुनों की सिम्फनी से मंत्रमुग्ध कर दिया। एसीपी ट्रैफिक सुनील तिवारी, शिक्षाविद सुनीता जैन, दिल्ली से पधारे शिक्षाविद परविंदर चौधरी, पालक व स्कूल प्रबंधन के सम्मानित सदस्यों की उपस्थिति ने उत्सव की हवा में उत्साह और उत्साह बढ़ा दिया।

