Wednesday, April 15, 2026
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स्कूली बच्चों पर चला कठपुतली के खेलों का जादू!

डॉ. जफर महमूद, इंदौर स्टूडियो। महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत कठपुतली के तीन दिवसीय पुतुल समारोह का आयोजन स्थानीय कालिदास अकादमी में हुआ। इसमें कठपुतलियों की विविध शैलियों की प्रस्तुतियाँ दी गईं, पौराणिक कथाएं प्रस्तुत की गईं, जो बाल दर्शकों की दिलस्पपी का केंद्र बनी रहीं। आइये जानते हैं इस समारोह में बच्चों ने कौन-कौन सी कठपुतलियों का खेल देखा? A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com.पहला दिन: सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित प्रस्तुति
पहले दिन महाराष्ट्र के गणपत सखाराम मासगे के निर्देशन में दयाती लोककला संवर्धन अकादमी, पिंगली द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और उनके शासनकाल की कहानी को कठपुतलियों के माध्यम से रोचक और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति ने बच्चों के साथ बड़ों को भी प्रभावित किया। इससे पहले पुतुल समारोह का शुभारंभ सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। ज्ञान सागर स्कूल  एवं क्षीर सागर स्कूल की छात्राओं ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com.भीम और बकासुर  का मंचन:
दूसरी प्रस्तुति भीम और बकासुर  का मंचन रहा। स्फूर्ति थिएटर फॉर एजुकेशनल पपेट्री आर्ट एंड क्राफ्ट, हैदराबाद के बैनर तले सुश्री पद्मिनी रंगराजन के निर्देशन में महाभारत के प्रसंग को कठपुतलियों ने जीवंत किया। एकचक्र नगरी में पांडवों के अज्ञातवास, बकासुर का आतंक और भीम द्वारा राक्षस के वध की कथा कठपुतलियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से व्यक्त हुई। संवाद, संगीत और पारंपरिक कठपुतली कला के समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com.दूसरा दिन: दि आर्च स्टूड एलोन :
उज्जैन में आयोजित विक्रमोत्सव के पुतुल समारोह के दूसरे दिन कठपुतली कला की मनभावन प्रस्तुतियाँ देख स्कूली बच्चे मंत्रमुग्ध हुए। प्रथम प्रस्तुति कोलकाता के सुदीप गुप्ता के निर्देशन में डाल्स थिएटर द्वारा दि आर्च स्टूड अलोन की हुई। इस प्रस्तुति में एकलव्य की कथा को प्रभावी कठपुतली शैली में दिखाया गया। कहानी में तीरंदाज अकेला एकाग्र खड़ा हुआ दिखाया गया था। एकाग्रता और कौशल के साथ अपने लक्ष्य के प्रति अकेला खड़ा होकर निडरता से सामना कर रहा होता है। तीरंदाज के अकेलेपन, आत्मनिर्भरता, और अटूट फोकस को दर्शाया गया है। तीरंदाजी  के अभ्यास के दौरान, एकाग्रता या अपनी क्षमता पर भरोसा करने की सीख दी गई। प्रस्तुति में एकलव्य की कथा को प्रभावी कठपुतली शैली में दिखाया गया, जिसे बाल दर्शकों ने सराहा।A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com.अहमदाबाद के कलाकारों की दि ट्रुप की प्रस्तुति:
दूसरे दिन मेहर द ट्रूप, अहमदाबाद के कलाकारों ने ‘आठवां’ का कठपुतली मंचन किया गया। इस प्रस्तुति का निर्देशन मानसिंह झाला ने किया। दोनों प्रस्तुतियों में कलाकारों की सजीव अभिव्यक्ति और तकनीकी कौशल ने स्कूलों से आए दर्शकों को बांधे रखा। इस अनूठे आयोजन में एक्टिव इंग्लिश हाई स्कूल एवं रविन्द्र नाथ टैगोर स्कूल के लगभग 350 विद्यार्थी उपस्थित रहे। बच्चों ने कठपुतलियों को हाथ में लेकर उन्हें चलाने का अनुभव भी प्राप्त किया। कठपुतली कला के प्रति बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com.तीसरे दिन: डॉल्स थियेटर, कोलकाता ने प्रस्तुत किया पदमगाथा
समापन दिवस की पहली प्रस्तुति में डॉल्स थियेटर, कोलकाता के बैनर तले पदमगाथा को मंचित किया गया। इस कठपुतली नाटक का निर्देशन सुदीप गुप्ता ने किया था। पदमगाथा महाकवि कालिदास के लोकप्रिय नाटक अभिज्ञानशाकुंतलम् पर आधारित थी। शकुंतला की की कहानी को रोचकता के साथ कठपुतलियों ने साकार किया। इस प्रस्तुति में पारंपरिक और रचनात्मक कठपुतली शैलियों का मिश्रण देखने को मिला। सशक्त कथानक, भावपूर्ण संवाद और सजीव कठपुतली संचालन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com.अंतिम प्रस्तुति: ‘कृष्ण लीला एवं दुर्योधन वधम’
दूसरी प्रस्तुति केरल की प्रसिद्ध संस्था के. के. पुलवर मेमोरियल ट्रूप के कलाकारों ने छाया शैली में पारंपरिक कठपुतली कला को ‘कृष्ण लीला एवं दुर्योधन वधम’ को मंचित किया। इस प्रस्तुति का निर्देशन रामचन्द्र पुलवर ने किया है। पारंपरिक संगीत, प्रभावी प्रकाश संयोजन और छाया-चित्रों की कलात्मक प्रस्तुति ने पौराणिक कथा को साकार किया।A presentation from the three-day puppet festival as part of Vikramotsav 2026. Reported by IndoreStudio.com. 500 विद्यार्थियों और कला प्रेमी दर्शक रहे मौजूद:
कठपुतली समारोह के समापन दिवस सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ऋषि नगर एवं भारतीय ज्ञान पीठ स्कूल के लगभग 500 स्कूली बच्चों की मौजूदगी ने समारोह को कामयाब बनाया। तीनों दिन कठपुतली कला के प्रति बच्चों और बड़ों का उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पल्लवी बेंद्रे द्वारा किया गया। तीन दिवसीय पुतुल समारोह ने भारतीय लोककला की समृद्ध परंपरा और पौराणिक आख्यानों को नई पीढ़ी तक पहुँचाया। आगे पढ़िये – दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह 2026 की पूरी रिपोर्ट। https://indorestudio.com/vikram-natya-samaroh-2026-ujjain/

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