कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टूडियो। प्रियंका शक्ति ठाकुर रचित नाटक ‘शौर्या’ को महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी का पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की गई है। प्रियंका शक्ति ठाकुर ने उन्हें पुरस्कार दिये जाने पर ख़ुशी जताई है। उन्होंने अपनी कहा- ‘मुझे जब यह सूचना मिली, सुखद आश्चर्य हुआ’! आपको बता दें, ‘शौर्या’ नाटक को मिला यह दूसरा पुरस्कार है। इससे पहले मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ने भी प्रियंका के नाटक को पुरस्कृत किया है। 
निरंतर नाटकों का निर्माण और निर्देशन: प्रियंका शक्ति ठाकुर रंगमंच की सिद्धहस्त अभिनेत्री और निर्देशक भी हैं। वे मंच के लिये निरंतर नाटकों का निर्माण और निर्देशन कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ‘राष्ट्रपुरूष अटल’ नाम से एक महानाटक का वर्धा में मंचन किया है। इसके साथ ही नाटक ‘शौर्या’ का भी नागपुर में पहला मंचन हुआ है। नागपुर में उनका अपना रंगमंच ग्रुप है और वे प्रयास बहुउद्देशीय सामाजिक संस्था के माध्यम से नाटकों का मंचन करती हैं। विशेष बात यह भी है कि रंगमंच से जुड़े उनके रचनात्मक कामों, पति शक्ति ठाकुर और परिवार का पूरा सहयोग मिलता है।
सोचा नहीं था, कृति पुरस्कृत होगी: प्रियंका शक्ति ठाकुर ने पुरस्कार को लेकर एक पोस्ट भी लिखी है, उसपर उन्होंने लिखा है, ‘मैंने इस किताब को लिखना आरंभ किया था, तब सोचा नहीं था कि मेरी कृति को इस तरह से पुरस्कृत भी किया जायेगा। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया और ‘शौर्या’ को सम्मानित होने का मौका मिलने लगा। प्रसन्नता का विषय यह भी है कि अब ‘शौर्या’ की कहानी, किताब से निकलकर मंच तक पहुंच गई है। नागपुर में महिला दिवस पर हुए मेरे इस नाटक का पहला मंचन मेरे लिये यादगार क्षण रहा’।
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नाटक ‘शौर्या’ का ही नहीं,समस्त नारी का सम्मान: प्रियंका शक्ति ठाकुर

