कला प्रतिनिधि,इंदौर स्टुडियो। सीधी में चल रही 75 दिवसीय नाट्य कार्यशाला में शास्त्रीय गायिका शिवांगी मिश्रा द्वारा स्वर और संगीत का बुनियादी प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं के जवाब दिये। कार्यशाला का अतिथि विद्वान प्रमोद झा ने भी अवलोकन किया।
प्रमोद झा प्रतिभागियों से चर्चा की और कहा कि रंगमंच खुदको पहचानने और अपनी प्रतिभा को निखारने का सबसे उत्तम माध्यम है। इस प्रशिक्षण के साथ ही आप एक अच्छा इंसान भी बनें।
कार्यशाला के प्रथम चरण में नाटक ‘पागल’ का मंचन हो चुका है। अब रोशनी प्रसाद मिश्र द्वारा लिखित नाटक ‘मथानी लुहार’ की क्रांतियात्रा पर की तैयारी जारी है। इसका निर्देशन नीरज कुंदेर कर रहे हैं। कार्यशाला का आयोजन इंद्रवती नाट्य समिति सीधी और संस्कार भारती मध्य क्षेत्र के संयुक्त तत्त्वावधान में किया गया है। प्रबंधन आर्ट ऑन क्लिक,संयोजन एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसायटी सीधी एवं समन्वयन रंगपटल परफार्मिंग आर्ट सोसायटी का है। कार्यशाला परिकल्पना नीरज कुंदेर की है और कार्यशाला के निर्देशक रोशनी प्रसाद मिश्र हैं। कार्यशाला में बतौर प्रशिक्षक डॉ. शिवशंकर मिश्र सरस, पाण्डेय,नीरज कुंदेर, रोशनी प्रसाद मिश्र, शिवनारायण कुंदेर, रजनीश जायसवाल और शिवांगी मिश्रा और प्रजीत साकेत शिरकत कर चुके हैं। विशेष सहयोग डॉ. अनूप मिश्र, इंजीनियर आर. बी.सिंह,अजीता द्विवेदी, सुनील भुर्तिया,सुनील चौधरी कुन्दन वर्मा का है।
#सीधी #नाट्य_कार्यशाला #रंगमंच #प्रशिक्षण #नीरज_कुंदेर #रोशनी_प्रसाद_मिश्र #शिवांगी_मिश्रा #प्रभात_झा #इंदौर_स्टुडियो

