अनूपपुर के बाद सीधी के बकवा में ‘होम स्टे’ का हुआ भूमि पूजन

0
32

कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। इन्द्रवती नाट्य समिति के प्रयासों से ग्राम बकवा में ‘होम स्टे’ के निर्माण की शुरूआत हो गई है। हाल ही में होम स्टे के लिये भूमि पूजन किया गया। समिति के संरक्षक डॉ. अनूप मिश्र द्वारा हवन पूजन और श्रीफल चढ़ाकर भूमि पूजन किया गया। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल ग्रामीण / जनजातीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में जहां भी पर्यटक स्थल हैं वहां “होम स्टे” बनाने का काम कर रहा है। इन्द्रवती नाट्य समिति ने भेजा था प्रस्ताव: दो वर्ष पहले इन्द्रवती नाट्य समिति ने अनूपपुर जिले के बीजापुरी ग्राम और सीधी जिले के बकवा ग्राम में होम स्टे बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा। इसमें नीरज कुंदेर और रोशनी प्रसाद की विशेष भूमिका रही। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के निदेशक मनोज सिंह ने दोनों ग्रामों के पर्यटन की संभावनाओं का जायजा लिया और फिर उसके लिये स्वीकृति दे दी। इस योजना में अनूपपुर जिले के बीजापुरी ग्राम का काम पिछले वर्ष शुरू हो गया था, यह जल्द ही पूरा होने जा रहा है। ‘होम स्टे’ का ले आउट लिया गया: अब सीधी जिले के बकवा में ‘होम स्टे’ का भूमि पूजन किया गया है। पूजन के बाद हुनरशाला संस्थान के आर्किटेक्ट अनन्त मेहराल, मयूरी जादव, हेवल पटेल तथा सीधी के प्रभारी इंजीनियर ऋषभ सिंह द्वारा होम स्टे का ले आउट भी किया गया। इस अवसर पर समिति के संरक्षक डॉ.अनूप मिश्र, निदेशक नीरज कुंदेर और  रोशनी प्रसाद मिश्र के साथ-साथ राजकुमार जायसवाल, रणबहादुर सिंह, शिवनंदन सिंह, जगजीवन सिंह एवं रामदेव सिंह सहित कई ग्रामीण और हितग्राही उपस्थित थे। सभी दस हितग्राहियों के नाम हैं – रावेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, कुशल सिंह, रामनरेश सिंह, संसार सिंह, शिवदयाल सिंह, इंद्रबहादुर सिंह, नवल सिंह,जगन्नाथ जायसवाल और नन्हे घासी।देश-विदेश के अतिथि यहां आएंगे: समिति के संरक्षक डॉ.अनूप मिश्र ने बताया कि होम स्टे बनने के बाद देश-विदेश के मेहमान आयेंगे जिनमें से कोई कलाकार होगा कोई साहित्यकार होगा तो कोई कला समीक्षक और कोई कला शोधार्थी होगा। इसकी वजह से इस गांव के कलाकार और कलाओं को प्रचार प्रसार मिलेगा, उन्हें आगे अपनी कलाओं के प्रदर्शन का अवसर भी मिल सकेगा।  होम स्टे का निर्माण रोशनी प्रसाद मिश्र के की देख-रेख में पूरा होगा। उनका सहयोग रजनीश जायसवाल और प्रजीत साकेत करेंगे। योजना को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जनजातीय हितग्राहियों को तीन लाख तथा अन्य हितग्राहियों को ढाई लाख सब्सिडी भी दी जाएगी।

LEAVE A REPLY