इंदौर स्टूडियो,कला प्रतिनिधि। 51 दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रस्तुति परक राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला सीधी के प्रथम चरण पूर्ण होने पर दो दिवसीय नाट्य प्रस्तुति रखी गई है जिसके प्रथम दिवस 20 सितम्बर 2022 को शिवनारायण कुंदेर ‘शिवा’ द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक ‘सरू’ का सराहनीय प्रदर्शन हुआ । नाटक की कहानी किन्नरों की व्यथा कथा पर आधारित रही,उनका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था अचानक एक किन्नर को एक दिन एक बच्ची कचड़े की ढेर में मिल जाती है उसे लाकर मां की तरह पालन-पोषण करते हैं बच्ची थोड़ी बड़ी होती है जिसे स्कूल में दाखिला देने से इंकार किया जाता रहा किसी कदर उसे प्रवेश मिला और बच्ची अपनी कक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त कर इतिहास रच देती है किन्नरों की मालकिन अम्मा सावित्री बाई उसे IAS बनाने का सपना देखने लगी तभी एक दिन स्कूल का एक चपरासी उस मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर बैठता है और बच्ची की मृत्यु हो जाती है। कहानी यहीं नहीं रुकती बल्कि इस बीच जब सुशीला नाम की किन्नर पुलिस चौंकी में रिपोर्ट लिखाने गई तो मुंशी ने उसको नाचने को कहा जब नहीं नाची तो दुष्कर्म भी किया। जब इस बात का पता चला की स्कूल के चपरासी ने दुष्कर्म किया है तो सभी किन्नर मिलकर उस चपरासी को घसीट-घसीट कर उसे भी मौत की घाट उतार देते हैं।
नाटक में इन कलाकारों का रहा योगदान: विष्णु कुमार,साहिल खान, अनुराग कुमार,सुमन सौरभ,कमल,योजन दत्त,पंकज पुरोहित,आकाश वर्मा,जगमीत वंडर, ऋषि। मंच परे समूह गायन में थे राजेश विश्नोई,शुभम भारती,अवनीश कुमार।मंच संचालन एवं प्रकाश संचालन रजनीश जायसवाल ने किया तथा हरमोनियम वादन, नगरिया वादन एवं गायन के साथ-साथ वस्त्र सज्जा में प्रजीत साकेत का योगदान रहा।संगीत परिकल्पना रोशनी प्रसाद मिश्र का था,आलेख परिकल्पना एवं निर्देशन शिवा ने किया।मार्गदर्शन नीरज कुंदेर का रहा तथा प्रस्तुति इंद्रवती नाट्य समिति की रही। कार्यक्रम में इंजी. आर. बी.सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे साथ ही डॉ.अनूप मिश्र,राजीव द्विवेदी,बाबूलाल कुंदेर, आज़म खान,अखिलेश चतुर्वेदी,राकेश जायसवाल सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

