कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टुडियो। इंद्रवती नाट्य समिति सीधी एवं संस्कार भारती मध्य क्षेत्र के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 75 दिवसीय प्रस्तुति परक आवासीय राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला पहले चरण के समापन पर बघेली लोकगीत एवं रंगसंगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। देश भर से आये कलाकार बघेली बोली में संगीत की प्रस्तुति देकर बघैलखंड का गौरव बढ़ाएंगे। जो सीधी के लिए सौभाग्य का विषय है।
कार्यशाला के पहले चरण ‘अ’ में योग,अभिनय एवं आशु अभिनय, लोकगीत एवं रंगसंगीत, सुर एवं वादन,रंगमंचीय खेल के प्रशिक्षण के साथ रंगमंच एवं पत्रकारिता तथा वर्तमान रंगमंच और लोक की अवधारणा विषय पर विस्तार से परिचर्चा हुई। इस दौरान विद्यार्थियों से प्रशिक्षक रोशनी प्रसाद मिश्र, शिवनारायण कुंदेर, मनोज पाण्डेय, डॉ. शिवशंकर मिश्र ‘सरस’,रजनीश जायसवाल एवं प्रजीत साकेत रूबरू हुए। डॉ.सरस ने जहां लोक कलाओं पर व्याख्यान दिया, वहीं योग,लोकसंगीत,अभिनय,रंगमंच एवं पत्रकारिता संबंधी प्रारंभिक प्रशिक्षण और जानकारी सर्वश्री रोशनी प्रसाद मिश्र,शिवनारायण कुंदेर,मनोज पाण्डेय ने दी।
आपको बता दें, 75 दिवसीय इस आवासीय राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन 16 नवम्बर से शुरू हुआ है। यह कार्यशाला इंद्रवती नाट्य समिति एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित है, प्रबंधन आर्ट ऑन क्लिक, संयोजन एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसाइटी, समन्वयन रंगपटल आर्ट सोसाइटी कर रही है। यह नाट्य कार्यशाला 15 नवम्बर 2021 से 28 जनवरी 2022 तक चलेगी । जिसके मध्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पर आधारित 2 दिवसीय नाट्य उत्सव,4 दिवसीय फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।

