स्टुडियो संवाददाता, इंदौर। कला में नई संभावनाओं की तलाश, जोखिम की हद तक नये काम की ज़िद चित्रकार सीरज सक्सेना की ऐसी खूबियां हैं जो उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग करती हैं। कई बार उन्हें देखकर लगता है वो खुद अपने आपको चुनौती दे रहे हैं। सिरेमिक आर्ट का ये कलाकार इन दिनों ग्राफिक्स कला की नई यात्रा पर है। जब इस यात्रा का पहला पड़ाव आया तो उन्होंने उस काम को अपने शहर इंदौर में पहलेपहल प्रदर्शित करना उचित समझा। इस मौके पर उनका हौसला बढ़ाने पहुंचे मशहूर शायर डॉ.राहत इंदौरी और संस्कृतिकर्मी संजय पटेल।


सिरेमिक आर्टिस्ट का नया रोमांच
सीरज अब तक सिरेमिक,टेक्सटाइल,वुडन जैसी विधाओं में खुद को अभिव्य्कत करते आए हैं। देश-विदेश में उनके प्रदर्शित काम की प्रशंसा हुई है। मगर पिछले दिनों जब वो सर्बिया के शहर नोविसाद की एक ग्राफिक कलाकार येलेना से मिले तब उनकी नज़र येलेना की एंचिग ग्राफिक आर्ट पर गई। येलेना के कहने पर ही उन्होंने ग्राफिक कला में हाथ आज़माया। सीरज कहते हैं – ‘येलेना के स्टुडियो में मैंने पहली बार ग्राफिक आर्ट का काम किया। उस काम में और दिलचस्पी जागी। दिल्ली लौटने के बाद पड़ोसी कलाकार चंदन के साथ इस काम को आगे बढ़ाने और सीखना शुरू किया। रोमांच और जोखिम के इस काम की जब पहली यात्रा पूरी हुई तो लगा क्यों ना इस काम को अपने शहर इंदौर की नज़्र किया जाए।
सीरज एक अच्छे चित्र कलाकार ही नहीं एक अच्छे पोएट और लेखक भी हैं। दिल्ली के अपने आर्ट स्टुडियो में खोये रहने वाले इस कलाकार की खूबी उनकी मासूमियत है। वो हंसते,बात करते अपनी कला की खामोश दुनिया में खोये रहते हैं। साइकिल चलाना उनका दूसरा पसंदीदा शौक है। मगर कब साइकिल रखकर वो नई पेंटिंग एक्जीबिशन के लिये देश या विदेश में कहीं चल देंगे यह उनको भी नहीं पता। वो तो बस कला की नई उड़ानों का सफ़र तय करते रहते हैं। ( चित्र: तनवीर फारूकी )

