शास्त्रों में लिखा हुआ है, एक पुरूष दीवारों का महल तो बना सकता है, लेकिन उसमें चार चांद नहीं लग सकता, ईंट के महल में खुशियां नहीं भर सकता, फूलों से उसे महका नहीं सकता। महल का घर बनाने का सौंदर्य प्रकृति और ईश्वर ने सिर्फ एक औरत को दिया है। लेकिन जिम्मेदारियों की आड़ में अक्सर महिला खुद को भूल जाती है, वो पूरे परिवार का ध्यान का रखती है, उनका पालन-पोषण करती है, लेकिन जब उसकी खुद की आती है तो उसका ध्यान कौन रखता है?
क्या हुआ? सोचने के लिए मजबूर हो गए ना। एक औरत का प्रेम ही ऐसा है, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है। इसलिए अब वक्त आ गया है उस स्त्री को वो सब कुछ वापस करने का जो वो खो चुकी है या भूल चुकी है। स्त्री को सम्मानित करने और उसकी शक्ति को नाटक के जरिए प्रस्तुत करने के लिए राजधानी दिल्ली के फर्न्स एन पेटल्स में स्त्री-द वुमन एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
फेस्टिवल हाईलाइट्स
– प्रेरणादायक व्यक्तित्वों द्वारा कार्यशालाएं
– प्रमुख विषयों पर इंटरएक्टिव चर्चाएं
– नेटवर्किंग
– इंटरएक्टिव नृत्य सत्र
– बौद्ध भजन
तारीख और समय
यह प्रोगाम दिल्ली में 5 अगस्त को फर्न्स एन पेटल्स में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का समय 2.30 बजे तय किया गया है।

