कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। इंदौर में संस्था ‘स्वरदा’ ने गायक और संगीतकार हेमंत कुमार के सदाबहार गीतों पर आधारित संगीत कार्यक्रम पेश किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ गायक लखी वासवानी और सपना केकरे ने स्व.संगीतकार के सुमधुर गीतों से समां बाँध दिया। दोनों गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किये।
बेहतरीन नग़्मों की होती रही बारिश: यह संगीत कार्यक्रम ‘आ नीले गगन तले’ शीर्षक से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आगाज़ लखी वासवानी ने ‘न ये चाँद होगा’ गाकर किया। इसके बाद उन्होंने ‘जिंदगी कितनी खूबसूरत है’ गीत गाकर खूब तालियां बटोरी। सपना केकरे के साथ ‘तुम्हें याद होगा’ गीत सुनाया। सपना केकरे ने अपनी सुमधुर आवाज़ से दर्शकों को बाँधे रखा। सपना ने – ‘कुछ दिल ने कहा, ओ बेक़रार दिल, कहीं दीप जले कहीं दिल, छूप गया कोई रे’ जैसे सदाबहार गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हेमंत के लाजवाब गीतों को आवाज़: 84 वर्षीय गायक लखी वासवानी ने – ‘जाने वो कैसे, ये नयन डरे डरे, या दिल की सुनो, बेक़रार कर के हमें ना जाइये’ जैसे हेमंत कुमार के सुपरहिट गीत भी सुनाए। लखी वासवानी और सपना केकरे ने मिलकर गीत – ‘एक बार ज़रा फिर कह दो’ बहुत दिलकश अंदाज़ में प्रस्तुत किया। अतिथि कलाकार सुधीर वासवानी के गीतों को भी लोगों ने खूब पसंद किया। सुधीर ने रफ़ी साहब के गीत ‘ग़म का फ़साना, तुम जो मिल गए हो, ये माना मेरी जा, प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में संगतकार थे दिपेश जैन, हेमेंद्र महावर अमित शर्मा व रवि खेड़े। कार्यक्रम का संचालन राजेश गोधा ने किया। आगे पढ़िये – https://indorestudio.com/indore-me-abhang-aur-bhav-geet/

