इंदौर स्टूडियो,कला संवाददाता। सीधी में राष्ट्रीय नाट्य कार्यशाला के द्वितीय चरण में सीधी के पूर्व कलेक्टर अभिषेक सिंह की कविताओं पर आधारित कविता कोलाज ‘स्याही के रंग’ का मंचन हुआ। इस शानदार मंचन को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मंचन के साथ ही अभिषेक सिंह की कविताओं और उनके गहरे शब्दों ने भी दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। अभिषेक सिंह की कविताओं में जहाँ एक तरफ़ गाँव के लिये आकर्षण दिखाई देता है, वहीं प्रकृति के प्रति लगाव भी कम नहीं है। वे सीधी के कलेक्टर रहे हैं । इस दृष्टि से उनका लंबा प्रशासकीय अनुभव रहा है। एक कवि के रूप में वे कविताओं के माध्यम से व्यवस्था पर भी गहरी चोट करते हैं।
कविता कोलाज के निर्माण में योगदान देने वाले कलाकार : मंच पर : कविताओं को समन्वित अभिनय ऊर्जा के साथ कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों ने कविता के मनोभावों को बड़े सशक्त ढंग से अपने अभिनय में अभिव्यक्त किया। मंच पर मौजूद कलाकारों में विष्णु कुमार,साहिल खान,राजेश विश्नोई, शुभम भारती,जगमीत वंडर,सुमन सौरभ,योजन दत्त ऋषि,आकाश वर्मा, पंकज पुरोहित,कमल और अवनीश कुमार रहे। प्रकाश परिकल्पना रजनीश जायसवाल एवं वस्त्र विन्यास प्रजीत साकेत की रही। संगीत, परिकल्पना, निर्देशन रोशनी प्रसाद मिश्र का था।
इंद्रवती नाट्य समिति एवं एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसायटी सीधी के संयुक्त तत्वावधान में यह नाट्य कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का प्रायोजन आर्ट ऑन क्लिक तथा प्रबंधन रंगपटल परफार्मिंग आर्ट सोसायटी कर रही है। विशेष सहयोग संतोष रावत ने किया। कार्यशाला परिकल्पना नीरज कुंदेर की रही।

