Wednesday, May 13, 2026
Homeकला खबरेंतार की तंत्रकारी और तबले की लयकारी का जादुई प्रदर्शन, ‘संगीत गुरूकुल’...

तार की तंत्रकारी और तबले की लयकारी का जादुई प्रदर्शन, ‘संगीत गुरूकुल’ के मंच पर संगीत के दो दिग्गजों का सम्मान

(डॉ.जावेद अहमद शाह ख़ान ‘अलहिंदी’)
इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। मोहन वीणा पर गायन अंग के साथ बेहतरीन तंत्रकारी और तबले पर मीठे बोलों के साथ लाजवाब लयकारी का इंदौर में फिर जादुई प्रदर्शन हुआ। इस यादगार कार्यक्रम में संगीत रसिक वाह-वाह की दाद देते रहे। यह कार्यक्रम पं.विश्व मोहन भट्ट और पं.आनिंदों चटर्जी के अलंकरण का था। स्थानीय जाल सभागृह में यह आयोजन शास्त्रीय गायक गौतम काले द्वारा स्थापित ‘संगीत गुरूकुल’ संस्था ने किया। कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत के दोनों दिग्गजों को उस्ताद आमिर ख़ान और उस्ताद जहांगीर ख़ान के सम्मान से नवाज़ा गया। आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि उस्ताद अलाउद्दीन खाँ कला एवं संगीत अकादमी के जयंत भिसे शामिल हुये। कार्यक्रम का सुरूचिपूर्ण संचालन अपनी विशिष्ट शैली में वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी संजय पटेल ने किया। सहयोग संस्कार भारती,पिकवान और आलाप का रहा।पंडित विश्व मोहन भट्ट ने अपने संक्षिप्त उदबोधन के पश्चात अपनी प्रस्तुति ‘राग श्याम कल्याण’ से प्रारंभ की। उनकी इस बेहतरीन प्रस्तुति के बाद मंच पर उनका साथ देने उनके बेटे सलिल भट्ट मंच पर आये और राग किरवानी में राजस्थानी हिचकी ढब के लोकगीत पर आधारित धुन बजाई। इसके बाद पंडित विश्व मोहन भट्ट ने 1993 में उन्हें मिले ग्रेमी अवार्ड वाली मशहूर संगीत रचना,‘ए मीटिंग बाय रिवर’ प्रस्तुति से सुनने वालों का दिल जीत लिया। इसमें शक नहीं कि पंडित विश्व मोहन भट्ट को हर बार सुनना एक अनुभव होता है। उनके साथ तबले पर संगत अभिषेक मिश्रा ने की। आयोजन के दूसरे दौर में आनिंदों चटर्जी ने उस्ताद जहाँगीर ख़ान सम्मान के सम्मान में उनकी गतें बजाकर अपनी आदराजंलि पेश की। उनकी लयकारी और बोलों का मीठापन कमाल का था। उन्हें सुनना एक अनुभूति थी। इसी तरह उनके बेटे अणुव्रत चटर्जी ने उस्ताद हमीदुद्दीन ख़ान की 12 मात्रा वाली गत पेश कर अपनी तैयारी का मुज़ाहरा किया। श्रोताओं ने उनकी उम्दा तैयारी पर दाद दी। उनके साथ उस्ताद फ़ारूक़ लतीफ खां की सारंगी अपना कमाल दिखाती रही। कार्यक्रम के आरंभ में संगीत गुरूकुल के शिष्यों गुरुषा दुबे,राजेश देशपांडे और मयूरी ने बंदिशें पेश की। हारमोनियम ख़ुद गौतम काले और तबले पर राहुल ने संगत की।
आयोजन में उस्ताद आमिर खां साहब के परिवार से उस्ताद बुंदू खां और उस्ताद जहांगीर खां साहब के परिवार से उनके पौत्र साबिर खान और परपोते गुलाम अली खान ने मंच पर आकर कलाकारों का स्वागत किया। स्वागत में तबला नवाज़ सारंग लासुरकर और महिला तबला साधिका श्रीमती संगीता अग्निहोत्री भी मंच पर आए। कार्यक्रम में संगीत से जुड़े कई नामों में श्रीमती शोभा चौधरी,गायिका श्रीमती कल्पना झोकरकर ,भुवनेश कोमकली जैसे वरिष्ट कलाकार के साथ ही पद्मश्री भालू मोंढे,वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी,कीर्ति राणा और संगीत के रसिक मौजूद थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

जावेद अहमद शाह ख़ान "अल-हिंदी" on रंगमंच की नई उड़ान…सौम्या व्यास