Wednesday, May 20, 2026
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टीचर्स के कार्टून बनाया करते थे कार्टूनिस्ट केशव शंकर पिल्लई

एसपीएस प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। ‘कार्टूनिंग के पितामह कहलाने वाले कार्टूनिस्ट स्व. केशव शंकर पिल्लई बचपन से ही एक कार्टूनिस्ट बनना चाहते थे। स्कूल की क्लास में पढ़ाई के दौरान भी अपने टीचर्स के कार्टून या कैरिकैचर बनाया करते थे। उनकी दिलचस्पी इस विधा में बढ़ती चली गई और बाद में वे देश के एक महान् कार्टूनिस्ट बने’। नईदुनिया के लोकप्रिय कार्टूनिस्ट: स्टेट प्रेस क्लब द्वारा आयोजित चार दिवसीय कार्टून एवं पेंटिग कार्यशाला के समापन के दौरान यह बात प्रशिक्षक और वरिष्ठ कार्टूनिस्ट देवेन्द्र शर्मा ने कही। बता दें कि देवेंद्र जी नईदुनिया समाचार पत्र के एक लोकप्रिय कार्टूनिस्ट रहे हैं। इस समाचार की समय-समय पर प्रकाशित विशेषांकों और पत्रिकाओं के लिये भी वे सराहे जाते रहे हैं। अपने सम्बोधन में देवेंद्र जी ने जिस महान् कार्टूनिस्ट केशव शंकर पिल्लई का ज़िक्र किया, उन्हें भारत सरकार ने पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था। वे 1932 में ‘दि हिन्दुस्तान टाइम्स’ के पहले कार्यालीन कार्टूनिस्ट बने थे। 10 साल बाद उन्होंने ‘शंकर वीकली’ नाम की एक चर्चित कार्टून पत्रिका की शुरूआत की थी। पत्रिका में उनके बनाये मज़ेदार राजनीतिक कार्टून छपा करते थे। जो पाठकों में ख़ासे लोकप्रिय हुए। बाद में स्व.पिल्लई ने बच्चों के लिये काम करना शुरू किया। उन्होंने बच्चों के लिये ‘चिल्ड्रन वर्ल्ड’ नाम की एक मासिक पत्रिका की शुरूआत की। वे बच्चों के भी प्रिय बन गये।
स्टेट प्रेस क्लब की प्रशंसा: देवेंद्र जी ने इस तरह की कार्यशालाओं की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा -‘स्टेट प्रेस क्लब पत्रकारिता के विविध विषयों पर संवाद के साथ ही, इस तरह की कार्यशालाओं और क्लासेस को आयोजित कर रहा है। यह एक अच्छी बात है। इसका बच्चों को लाभ मिलेगा और कुछ प्रतिभाएं निखरकर सामने आ सकेंगी। समापन कार्यक्रम में पहुँचे अतिथि: कार्यशाला के समापन कार्यक्रम में एमआईसी मेंबर राजेन्द्र उदावत, वरिष्ठ पत्रकार सुभाष खंडेलवाल, समाजसेवी अशोक बंसल, गजेन्द्र वैष्णव एवं शिवाजी श्रीवास्तव अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने अपने सम्बोधन में कई ख़ास बातों की तरफ़ ध्यान खींचा। कार्टून की कमान छोड़े तीखे बाण: अतिथियों ने कहा -‘बेहतर कार्टून वह होता है जिसको शब्दों की जरूरत नहीं पड़े। बड़ी घटनाओं पर जो काम लंबे आलेख नहीं कर सकते, वह काम कार्टून कर गुजरता है’। अतिथियों ने यह भी कहा कि एक अच्छे कार्टून का असर, बरसों तक दिलो दिमाग़ पर छाया रहता है। कार्टूनिस्टों की व्यंग्यात्मक शैली को आम जनता अधिक पसंद करती है।
आरना,उज्जवल,युवान पुरस्कृत: इस अवसर पर कार्यशाला में शामिल होने वाले बच्चों को उपहारों के साथ प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये। आरना गुप्ता प्रथम, उज्ज्वल मुजालदा द्वितीय, युवान यादव तृतीय एवं आराध्या जैन प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिविर में भाग लेने वाले मीडियाकर्मियों के बच्चों को प्रमाण-पत्र, बेैग, लंच बाक्स, वॉटर बॉटल, कैप, चॉकलेट जैसी चीजें भेंट की गईं। प्रारंभ में अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। अतिथियों का स्वागत अजयसिंह सिसौदिया, सुदेश गुप्ता, राजेन्द्र गुप्ता एवं विनोद पाठक ने किया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य महासचिव नवनीत शुक्ला ने किया। रचना जौहरी ने आभार व्यक्त किया। आगे पढ़िये –
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