Tuesday, June 16, 2026
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‘उड़ान-2’ में दिखी युवा रचनाधर्मिता: प्रदर्शनी में 14 कलाकारों की कृतियां

चंडीगढ़ से सुभाष अरोरा की रिपोर्ट, इंदौर स्टूडियो: पंजाब कला भवन (सेक्टर 16) की प्रतिष्ठित सोभा सिंह कला दीर्घा में इन दिनों युवा और संभावना शील कलाकारों की लाजवाब कला प्रदर्शनी ‘उड़ान-2’ सजी हुई है, जो कला प्रेमियों को गहराई से आकर्षित कर रही है। पंजाब ललित कला अकादमी के सहयोग से आयोजित यह प्रदर्शनी उभरते हुए कलाकारों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें एक बेहतर मंच देने का एक सराहनीय और महत्वाकांक्षी प्रयास है।Art Exhibition 'Udaan-2', organized in collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi.युवा कलाकारों के प्रोत्साहन की योजना:
इस योजना के तहत जहाँ एक ओर युवा कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए निःशुल्क मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं नगर के नामचीन और वरिष्ठ कलाकार भी यहाँ पहुँचकर युवाओं का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत ‘उड़ान प्रथम’ के तहत अभिजीत दास की एकल प्रदर्शनी से हुई थी, जो पहले ही कला जगत में अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं।'Udaan-2' — An Art Exhibition Organized in Collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi. A Report by Subhash Arora for Indore Studio.44 पेंटिंग्स और 12 मूर्तियों का शानदार संगम:
‘उड़ान’ के इस दूसरे संस्करण में फाइन आर्ट कॉलेज, चंडीगढ़ के एमएफए (MFA) द्वितीय वर्ष के 14 प्रतिभावान कलाकारों की 44 पेंटिंग्स और 12 मूर्तियां प्रदर्शित की गई हैं। इन कलाकृतियों में न केवल बेहतरीन रचनाधर्मिता और कला के प्रति समर्पण दिखाई देता है, बल्कि इनमें गहरा सामाजिक जुड़ाव, समकालीन चिंतन और समाज की चिंताओं का अक्स साफ नजर आता है।'Udaan-2' — An Art Exhibition Organized in Collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi. A Report by Subhash Arora for Indore Studio.'Udaan-2' — An Art Exhibition Organized in Collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi. A Report by Subhash Arora for Indore Studio.सांस्कृतिक विरासत और बिसरते अतीत का दर्द:
प्रदर्शनी में कलाकार अजय चौहान ने अपनी कलाकृति को पारंपरिक रूप से दीवार पर लटकाने के बजाय, दीर्घा के कक्ष के बीचों-बीच जमीन से उठाते हुए एक ‘पेंटिंग इंस्टॉलेशन’ के रूप में प्रदर्शित किया है। पंजाब की विस्मृत होती जा रही सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती इस कृति के नीचे सूखे और गिरते पत्तों के माध्यम से बिसरते अतीत के दर्द को बखूबी उकेरा गया है, जो दर्शकों के मन में नए पत्तों की आस के साथ उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद भी जगाता है। अजय की एक अन्य रियलिस्टिक पेंटिंग भी बाहरी कक्ष में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 'Udaan-2' — An Art Exhibition Organized in Collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi. A Report by Subhash Arora for Indore Studio.काले संगमरमर की मूर्तियों ने ध्यान खींचा:
इसके साथ ही सुश्री इशिता, रहनुमा रानी, थोंगमेन एडिसन और अजय कुशवाहा की पेंटिंग्स को भी दर्शकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। मूर्तिकला खंड में रमन कुमार द्वारा काले संगमरमर में तराशी गई दो कृतियाँ सहज ही ध्यान खींचती हैं। वहीं अरुण सिंह की कांस्य प्रतिमा, शिवानी गुप्ता का टेराकोटा कार्य और शिल्पा राय की विविध धातुओं (मिक्स मेटल) से बनी अधिसंरचनाएं इन युवा कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य का साफ संकेत देती हैं।'Udaan-2' — An Art Exhibition Organized in Collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi. A Report by Subhash Arora for Indore Studio.'Udaan-2' — An Art Exhibition Organized in Collaboration with the Punjab Lalit Kala Akademi. A Report by Subhash Arora for Indore Studio.मध्य प्रदेश सरकार को भी ऐसी पहल की जरूरत:
सभी प्रतिभागी कलाकारों की यह कलात्मक उड़ान वाकई बधाई की पात्र है और इसके लिए पंजाब ललित कला अकादमी विशेष साधुवाद की हकदार है। इस सफल आयोजन को देखकर कला समीक्षकों का मानना है कि काश! मध्य प्रदेश की सरकार भी ग्वालियर और अन्य शहरों के स्थानीय कलाकारों के लिए ऐसी ही निःशुल्क गैलरी और मंच उपलब्ध कराने लगे, तो प्रदेश के कई और प्रतिभावान व संभावनाशील कलाकारों को आगे आने और देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सुनहरा मौका मिल सकेगा। (सुभाष अरोरा प्रतिष्ठित मूर्तिकार और कला समीक्षक हैं।)  आगे पढ़िये – 28 साल से क्यों चल रहा है ताजमहल का टेंडर?  https://indorestudio.com/tajmahal-ka-tender-drama-nsd-review/

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