Wednesday, September 9, 2026
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‘अनफिल्टर्ड प्यार’: नए कलाकारों ने इससे क्या सीखा?

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थियेटर की अभिनव और ‘अनफिल्टर्ड’ ट्रेनिंग क्या कमाल कर सकती है…..
ये इंदौर में अभिनव रंगमंडल की वर्कशॉप ने दिखाया।
इक्कीस दिनों की ये वर्कशॉप संगीत कला अकादमी, मनमोहन मेहता ऑडिटोरियम में आयोजित हुई।
इसमें नए कलाकारों ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली के थियेटर एक्सपर्ट से
अभिनय की बारीकियां सीखीं।
ख़ुद को मंच के अनुरूप तराशा।
और फिर समापन दिवस पर नाटक
‘अनफिल्टर्ड प्यार’ का मंचन भी किया।……..नाटक 'अन्फिल्टर्ड प्यार' का एक दृश्य………..’अनफिल्टर्ड प्यार’ के प्रदर्शन में
कलाकारों का आत्म विश्वास और अभिनय देखते ही बनता था।

कुछ कलाकारों ने कहा भी, ये वर्कशॉप उनके लिये एक लाइफ टाइम एचिवमेंट की तरह रही।…….
इंदौर स्टूडियो की इस रिपोर्ट में हम आपको इस थियेटर वर्कशॉप बारे में
आगे विस्तार से बताने वाले हैं लेकिन उससे पहले
ये बताना ज़रुरी है कि इसका आयोजन
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के सहयोग से
अभिनव रंगमंडल ने किया था।…….. इंदौर में आयोजित अभिनव रंगमंडल की थियेटर वर्कशॉप के प्रतिभागी प्रशिक्षक डॉ. योगेंद्र चौबे और रणधीर कुमार के साथ। …..ये वर्कशॉप एक जुलाई से इक्कीस जुलाई दो हज़ार छब्बीस तक आयोजित हुई।
इस वर्कशॉप के आयोजन और प्रबंधन में अभिनव रंगमंडल के निदेशक
शरद शर्मा की प्रमुख भूमिका रही।
अभिनव रंगमंडल उज्जैन के साथ ही इंदौर में भी
अपनी रंगमंच प्रस्तुतियों, वार्षिक आयोजनों के साथ
वर्षों से सक्रिय है।
इसने राष्ट्रीय स्तर के कई नाट्य समारोह और आयोजन किए हैं।
सामयिक संवाद कार्यक्रमों और परिचर्चा के माध्यम से
कला और संस्कृति को लेकर
बेहतर समझ को बढ़ाने का काम किया है।….अभिनव रंगमंडल के प्रमुख शरद शर्मा का अभिनंदन शरद शर्मा के प्रयासों से ख्यात अभिनेता, निर्देशक और थियेटर के प्रशिक्षक
डॉ. योगेंद्र चौबे और रणधीर कुमार ट्रेनिंग के लिये इंदौर पहुँचे।
दोनों ही अनुभवी थियेटर एक्सपर्ट्स हैं, दोनों ने कलाकारों को
थियेटर का बुनियादी और सधा प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने कलाकारों को ऐसी प्रैक्टिकल बातें सिखाईं
जिसे उन्होंने बरसों के अपने रंगमंच के सफ़र में
सीखा और जीया है।……… इंदौर में आयोजित अभिनव रंगमंडल की थियेटर वर्कशॉप के प्रतिभागी संयोजक शरद शर्मा और प्रशिक्षक डॉ. योगेंद्र चौबे के साथ। …….थियेटर का ये प्रशिक्षण महज़ एक्टिंग सिखाने तक सीमित नहीं रहा।
इसमें हर दिन फिज़िकल ट्रेनिंग के साथ
आवाज़ और संवाद अदायगी का ढंग,
किरदार को समझने और उसे जीने का तरीका,
इम्प्रोवाइज़ेशन की कला और दृश्यों के संयोजन के बारे में भी सिखाया गया।
आपसी तालमेल की समझ पैदा की गई।…..नाटक 'अन्फिल्टर्ड प्यार' का एक दृश्यज़ाहिर है कि इस ट्रेनिंग का मक़सद
एक कलाकार को थियेटर की
उन बारीकियों के बारे में बताना था
जो इस कला के अनुशासन और इसके हुनर को समझने के लिये बेहद ज़रुरी है।
इस थियेटर वर्कशॉप में ज़्यादातर प्रतिभागी
पहली बार
रंगमंच के बारे में सीखने-समझने आए थे।
उनके लिये ये जर्नी कमाल की रही।………
सभी कलाकारों ने इसको लेकर बड़ी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं।….
उन्होंने इस तरह के प्रशिक्षण को थियेटर के लिये ही नहीं
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के लिये भी बेहद महत्वपूर्ण बताया।नाटक 'अन्फिल्टर्ड प्यार' का एक दृश्यअनुशासित और सुनियोजित प्रशिक्षण के बाद
इस वर्कशॉप में अंकित दास के लिखे नाटक
‘अनफिल्टर्ड प्यार’ को तैयार किया गया।
यह नाटक आज के जीवन की कहानी है जो
सोशल मीडिया, वर्चुअल लोकप्रियता और इंसानी रिश्तों के बीच
बढ़ती दूरियों की बात करता है।
कलाकारों ने इसे मंच पर बड़े सुलझे ढंग से अभिनीत किया
जिसे दर्शकों की सराहना मिली।
कलाकारों का आत्मविश्वास, संवादों की अदायगी
यह दर्शाने के लिये काफी था कि उन्होंने इस प्रशिक्षण में
कितना कुछ हासिल किया है।
बहुत कुछ संजीदगी से सीखा है………………

……….’अनफिल्टर्ड प्यार’ का प्रदर्शन सिर्फ़ एक नाटक की प्रस्तुति भर नहीं था बल्कि ये
इक्कीस दिनों की मेहनत, सीख और अनुशासन का जीवंत प्रमाण था।
इंदौर में थियेटर की ये वर्कशॉप
एक ऐसी कला यात्रा रही
जिसने प्रतिभागियों को मंच पर अभिनय करना ही नहीं
कला के माध्यम से खुद को अभिव्यक्त करने और
समाज के बारे में सजगता से सोचने और समझने के बारे में सिखाया।
नाटक में आर्यन के पापा की भूमिका विनीत कुमार यति और
विक्की की भूमिका विक्की पावडे ने अभिनीत की।
रोहन के दादाजी धनराज गाडसे बने,
एलेक्सा की भूमिका में अन्वी जैन नज़र आईं।
पंडित जी नितिन भदोरिया बने जबकि
मीरा का किरदार अवनि कुमारन ने जीया,
आर्यन की माँ के रूप में रीना ब्राले ने परफॉर्म किया।
मीरा के पापा के रोल में सिद्धांत यादव और अंकित दास रहे
कृपा दनानी का किरदार बबीता ने जीया।
आर्यन के किरदार में सक्षम शर्मा, दोस्त हर्ष मालवीय और
सहयोगी भूमिकाओं में विभा जैन और वैशाली गर्ग की दिलचस्प मौजूदगी रही।……………..अभिनव रंगमंडल द्वारा डॉक्टर डेविश जैन के सम्मान के पल। ………….इस मौके पर प्रेस्टीज एजुकेशन एंड फाऊंडेशन यूनिवर्सिटी के कुलपति
डॉक्टर डेविश जैन का सम्मान
राहुल जैन, संजीव पारीख और शरद शर्मा ने किया।
………इंदौर स्टूडियो की रिपोर्ट।

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