कला प्रतिनिधि । ‘किसी भी क्षेत्र में अगर आप पूरा दिल लगाकर काम करते हैं, अपने काम को ‘इनज्वॉय’ करते हैं तो सफलता ज़रूर मिलती है। काम पूरी ईमानदारी से करना चाहिये और आधे मन से काम करना ठीक नहीं ।’ इंदौर के वरिष्ठ रंग निर्देशक तपन मुखर्जी ने रंगमंच अभिनेता और फोटो जर्नलिस्ट दिलीप लोकरे से एक इंटरव्यू में यह बात कही। यह इंटरव्यू हाल ही में दूरदर्शन भोपाल से प्रसारित हुआ है। तपन दा ने इस इंटरव्यू में इंदौर के हिंदी,बंगाली और मराठी रंगमंच से जुड़ी बहुत सी महत्वपूर्ण बातों को याद किया है।

शौकिया कलाकार हूं, पेशवेर काम करता हूं
तपन मुखर्जी ने कहा कि बेशक मैं शौकिया कलाकार हूं लेकिन मैं कोशिश करता हूं कि काम किसी प्रोफेशनल की तरह करूं। सुविधाएं होने पर मैं मंच पर तकनीक के प्रयोगों को भी महत्व देता हूं। आपको बता दें, तपन मुखर्जी पेशे से इंजीनियर हैं, वे एक फैक्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। अध्यापन के क्षेत्र से वास्ता रखते हैं। इन कामों के बीच एक कलाकार के रूप में वे मंच पर लगातार सक्रिय रहते हैं। उन्होंने रंगमंच के लिये अभिनय, निर्देशन, लेखन के साथ ही बतौर संगीत और गायक कलाकार भी काम किया है।

जो कुछ करता हूं,उसका आनंद लेता हूं
तपन मुखर्जी कहते हैं, मैं जो कुछ करता हूं, डूबकर करता हूं,पूरी तरह से उसका आनंद लेता हूं। यही मेरी शख्सियत की खूबी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने दिलीप से कहा, मुझे मेरे परिवार से संगीत विरासत में मिला लेकिन शौकिया रंगमंच के प्रति झुकाव इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद के दिनों में हुआ लेकिन फिर इसमें दिल ऐसा लगा कि वो सफर अब तक जारी है। तपन दा का यह इंटरव्यू दूरदर्शन भोपाल से हाल ही में प्रसारित हुआ है। शौकिया रंगमंच से जुड़े वे कलाकार जो इस इंटरव्यू को नहीं सुन सके हैं, इंदौर स्टुडियो उन कलाकारों के लिये यह प्रेरक इंटरव्यू शेयर कर रहा है। इस इंटरव्यू में ज़मीन से जुडे इस रंग निर्देशक से कई और बातें भी आप सुन सकते हैं।

