विशेष प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। प्रख्यात डोगरी लेखक, विचारक, कवि, निर्देशक और फिल्म निर्माता वेद राही को साहित्य अकादेमी के सर्वोच्च सम्मान साहित्य अकादेमी महत्तर सदस्यता से सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य कारणों के चलते यह संक्षिप्त अलंकरण कार्यक्रम उनके ठाणे स्थित आवास पर किया गया। सम्मान स्वरूप दिए जाने वाला ताम्रफलक साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष माधव कौशिक और सचिव के. श्रीनिवासराव द्वारा प्रदान किया गया। अलंकरण प्राप्त करने के बाद वेद राही ने इस सम्मान को घर पर आकर देने के लिए साहित्य अकादेमी का आभार प्रकट किया।
स्वयं को गौरवान्वित होने का दुर्लभ अवसर: इस अवसर पर साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने कहा कि यह मेरे लिए स्वयं को गौरवान्वित होने का दुर्लभ अवसर है। वेद राही का डोगरी के साथ हिंदी और उर्दू का उत्कृष्ट और विपुल लेखन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदा प्रेरणादायक रहेगा। साहित्य अकादेमी सचिव के.श्रीनिवासराव ने उनके सम्मान में प्रशस्ति का पाठ करते हुए कहा कि वेद राही बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति है। आपने बतौर लेखक, निर्देशक तथा निर्माता के रूप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आपने सहजता से कहानियाँ, पटकथाएँ तथा संवाद लिखें है तथा उन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस अवसर पर सामान्य परिषद् के सदस्य नरेंद्र पाठक भी उपस्थित थे।
फिल्म और टीवी के लिये लेखन,निर्देशन: वेद राही ने भारतीय फिल्म और टीवी में निर्देशक के साथ-साथ पटकथा लेखक के रूप में भी काम किया। उन्हें पवित्र पापी, आप आए बहार आई, बे-ईमान, काली घटा, बेजुबान जैसी फिल्मों और गुल गुलशन गुलफाम और मीरा बाई जैसे प्रतिष्ठित धारावाहिकों में उनके काम के लिए जाना जाता है। आपका जन्म मई 1933 को हुआ। आपका पैतृक स्थान जम्मू, कश्मीर है। पारिवारिक माहौल की वजह से वेद राही के लिए साहित्य तथा पत्रकारिता में रुचि विकसित होना स्वाभाविक था। आप विगत छह दशकों से उर्दू, डोगरी तथा हिंदी भाषाओं में निरंतर लेखन कर रहे है। आपने 25 फिल्मों का लेखन किया तथा पाँच का निर्देशन भी किया है। आप हिंदी तथा उर्दू में लिखने में उतने ही निपुण है, जितने कि मातृभाषा डोगरी में। आगे पढ़िये –महाकवि भारती के लेखन का पीएम श्री मोदी ने किया विमोचन https://indorestudio.com/mahakavi-bharti-vimochan-shri-modi/
वेद राही को साहित्य अकादेमी ने दिया सर्वोच्च सम्मान
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