भोपाल,6 नवंबर 2018 (इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम )। राजधानी में संपन्न हुए विभा मिश्रा स्मृति नाट्य समारोह में इस बार पहले दिन मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘चार बेटों वाली विधवा’ पर आधारित नाटक का मंचन हुआ। निर्देशन सिद्धार्थ दाभाड़े का था।
कहानी की मुख्य पात्र फूलमती है जिसके विधवा होते ही उसके अपने ही बेटे उसको बोझ मानना शुरू कर देते हैं , उसका अनादर करने पर उतर आते हैं । चारों बेटे एक के बाद एक उसके नाम की ज़मीन , जेवर ,बाग़ अपने नाम करवा उसकी हालत घर की नौकरानी की तरह कर देते हैं। अंत में विधवा फूलमती एक दुर्घटना में गंगा में डूबकर स्वर्ग सिधार जाती है और चारों बेटों को अपने आचरण पर पश्चाताप होता है।
नाटक की विशेषता यह थी कि सेट कम से कम था पर उपयोग होने वाली वस्तुएँ असल थीं जैसे तेरहवीं के भोज में असली पूरियाँ , सब्जी और मिठाई परोसी गईं। अभिनय सधा हुआ था।नाटक को देखकर सहसा पुराने दूरदर्शन के टीवी धारावाहिकों की याद सी आ जाती है ,जिनमें सेट और कपड़े बड़े साधारण हुआ करते थे किंतु सीख उतनी ही बड़ी और असाधारण हुआ करती थी। ‘बेटों वाली विधवा’ का यही चमत्कार था। प्रेमचंद साहित्य के प्रेमी तथा वयोवृद्ध दर्शकों को ये प्रस्तुति ख़ासी पसंद आई। ( इनपुट : शिवकांत वर्मा ) #त्रिकर्षी # विभा स्मृति नाट्य समारोह #नाटक # भोपाल

