इंदौर स्टुडियो डॉट कॉम। इंद्रवती नाट्य समिति सीधी,राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के नाट्य एवं रंगमंच संकायऔर संस्कार भारती मध्यभारत क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर चार दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया । *लोकवार्ता कार्यक्रम के *प्रथम दिवस संगोष्ठी उद्घाटन मुख्य अतिथि :-श्री गिरिजा शंकर जी *वरिष्ठ पत्रकार* कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रमोद झा जी *क्षेत्रीय संगठन मंत्री – संस्कार भारती मध्यक्षेत्र* ने की, प्रमुख वक्ता के रूप में श्रीमती शुभा वैद्य ताई *सुप्रसिद्ध चित्रकार* मुंबई से उपस्थित रहीं, सभी वक्ताओं ने आदिवासी चित्र कलाएं “स्वरूप एवं संभावनाएं” विषय पर अपने विचार रखे,कार्यक्रम के द्वितीय दिवस प्रमुख वक्ता : के रूप में जनजातीय एवं लोक कला विशेषज्ञ वसंत निर्गुणे उपस्थित रहे उन्होंने जनजाति नाट्यकला स्वरूप और संभावनाएं विषय पर विस्तार से व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के तृतीय दिवस प्रमुख वक्ता :के रूप में डॉ.ओम प्रकाश भारती जी *विभागाध्यक्ष नाट्य कला विभाग, वर्धा विश्वविद्यालय* रहे उन्होंने जनजातीय नृत्य कला और उसकी परंपरा पूर्वोत्तर जनजातीय नृत्य कला एवं मध्य भारत की जनजाति कलाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस समापन अवसर पर मुख्य अतिथि : श्री राजीव वर्मा जी *वरिष्ठ फ़िल्म अभिनेता व रंगकर्मी* उपस्थित रहे, उन्होंने सभी को संबोधित किया। प्रमुख वक्ता के रूप में प्रख्यात रंगकर्मी और मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय के पूर्व निदेशक श्री संजय उपाध्याय जी *संगीत नाटक अकादमी अवार्डी, वरिष्ठ रंगकर्मी* उपस्थित रहे। उन्होंने आदिवासी संगीत कलाएं “स्वरूप एवं संभावनाएं” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला कार्यक्रम की अध्यक्षता *विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पंडित शाहिद कुमार नाहर* ने की इस अवसर पर *विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ कृष्ण कांत शर्मा* भी उपस्थित रहे वेबीनार कार्यक्रम का संयोजन : डॉ हिमांशु द्विवेदी *विभागाध्यक्ष नाट्य कला विभाग, राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर* ने किया।वनवासी महोत्सव के चतुर्थ दिवस सुकुल धुर्वे के संयोजन एवं निव शीड के स्थानीय प्रबंधन में इंद्रवती लोककला ग्राम समनापुर, डिण्डौरी में स्थानीय लोक कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम दिया। कार्यक्रम में विशेष सहयोग डॉ. अनूप मिश्र का रहा।आयोजन की परिकल्पना नीरज कुनदेर सीधी की थी,प्रबन्धन रोशनी प्रसाद मिश्र व संयोजन प्रजीत साकेत ने किया।वेबिनार का तकनीकी प्रबन्धनशिवनारायण कुंदेर ने संभाला। इस अवसर पर अनेक राज्यों एवं विश्वविद्यालयों के शोधार्थी, विद्यार्थी व स्कॉलर जुड़कर ज्ञानार्जन कर पाए। सहयोगी संस्थानों में एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसाइटी, आर्ट ऑन क्लिक, बुंदेलखंड लोक नाट्य समिति,रंगपटल परफार्मिंग आर्ट सोसाइटी सीधी,निर्भया सेना, ट्रांसफ्रेम सीधी,अक्षत रेसीडेंसी, सुयश लोकरंग एवं नाट्य समिति अमरवाड़ा, माण्डव लोककला सांस्कृतिक समिति, निव शीड,इंद्रवती लोककला ग्राम हस्तिनापुर प्रमुख रूप से शामिल रहे।

