Wednesday, September 9, 2026
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‘वॉरियर वूमेन ऑफ भारत’ में नृत्य कला हस्तियों की जीवंत प्रस्तुति

इंदौर स्टूडियो, कला प्रतिनिधि: दिल्ली में ‘वॉरियर वूमेन ऑफ भारत’ (DIAF) में देश की प्रख्यात नृत्य कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देश भक्ति की भावना से भर देने वाली यह प्रस्तुति, कर्तव्य पथ पर दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल में परफॉर्म की गई। आज़ादी के अमृत महोत्सव पर इस प्रस्तुति के माध्यम से अंग्रेज़ों से लोहा लेने वाली वीर महिला योद्धाओं को याद किया। नृत्य और रंगमंच के कलाकारों ने अपनी श्रद्धाजंलि अर्पित दी। वॉरियर वूमेन बहुआयामी नृत्य प्रस्तुति: ’वॉरियर वूमेन आफ भारत’ एक बहुआयामी प्रस्तुति है। इसे मंच पर नृत्य कलाकार, रंगमंच के कलाकारों के साथ मिलकर प्रस्तुत करते हैं। इस प्रस्तुति में पद्मश्री प्रतिभा प्रहलाद खुद रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाती हैं। उन्होंने ही इस परफॉरमेंस की कल्पना और कोरियोग्राफी की है। उनके साथ देश की दूसरी जानी-पहचानी नृत्य कला हस्तियां भी नज़र आती हैं जो दूसरी महिला योद्धाओं की भूमिकाएं अदा करती हैं।मंच पर जीवंत वीरांगनाओं के किरदार: वॉरियर वूमेन में जिन महिला योद्धाओं को शामिल किया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश की रानी लक्ष्मीबाई और बेगम हजरत महल, तमिलनाडु की रानी वेलु नचियार, कर्नाटक की रानी चेन्नम्मा, मध्य प्रदेश की रानी अवंती बाई, असम की कनकलता बरुआ और भारतीय राष्ट्रीय सेना की कैप्टन लक्ष्मी सहगल शामिल हैं। इनकी भूमिकाएं अपने-अपने अंदाज़ में शोवना नारायण, अनीता रत्नम, अलेख्य पुंजाला, गोपिका वर्मा, सारोदी सैकिया और मीरा दास परफॉर्म करती हैं।नृत्य और रंगमंच के कलाकारों की प्रस्तुति: पद्मश्री प्रतिभा प्रह्लाद के मुताबिक, ’वॉरियर वूमेन ऑफ भारत’ में देश की सम्मानित शास्त्रीय और समकालीन नृत्य हस्तियां और थियेटर कलाकार शामिल हैं। यह नृत्य नाटिका उन निडर और वीर महिलाओं के जीवन और उनकी उपलब्धियों के लिये समर्पित है जिन्होंने देश की रक्षा के लिये ब्रिटिश साम्राज्यवाद से दो-दो हाथ किये। युद्ध के मैदान में अंग्रेजों के छक्के भी छुड़ा दिए। भगवान कृष्ण के शब्द ही काफी हैं: प्रतिभा प्रह्लाद ने कहा, उदाहरण के लिये रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य का वर्णन करने के लिए भगवान कृष्ण के शब्द ही काफी हैं। इसमें वे कहते हैं –‘यदि हम विजयी होते हैं, तो हम जीत के फल का आनंद लेंगे। यदि पराजित हुये या मारे गए तो हम अनंत गौरव और मोक्ष को अर्जित करेंगे।200 कलाकारों ने फेस्टिवल को बनाया यादगार: फेस्टिवल में स्प्रिट ऑफ इंडिया के तहत श्रीलंका, यूएसए, मलेशिया, मॉरीशस, हंगरी और जापान से आए विदेशी कलाकरों ने अपनी प्रस्तुति दी और दिल्ली इंटरनेशनल आर्ट्स फेस्टिवल को यादगार बना दिया। स्प्रिट ऑफ इंडिया के तहत की गई प्रस्तुति में करीब 200 कलाकारों ने हिस्सा लिया।
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