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शकील अख़्तर, इंदौर स्टूडियो। ‘युग-युग मोदी’ मध्यप्रदेश के वरिष्ठ लेखक और पत्रकार रमण रावल की नई पुस्तक है। ‘मोदी युग’ (2014) के बाद लिखी उनकी यह दूसरी ऐसी पुस्तक है जिसके केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हैं। ‘मोदी युग’ में जहां श्री नरेंद्र मोदी के 16 वीं लोकसभा में आने और प्रधानमंत्री बन जाने का आकलन था या कहें कि भविष्यवाणी थी। वहीं ‘युग-युग मोदी’ 2019 के चुनाव के बाद बीजेपी की जीत और 17 वीं लोक सभा में पीएम श्री मोदी और उनकी सरकार की वापसी के आकलन और विवरणों पर आधारित है।
सोशल मीडिया की सामग्री भी संकलित: ‘युग-युग मोदी’ में सोशल मीडिया और अन्य स्त्रोतों की कुछ सामग्री भी ली गई है। इसके माध्यम से श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार को हर मोर्चे पर मिल रही सफलताओं का ब्यौरा अथवा विवरण दिया गया है। यहाँ यह बताना महत्वपूर्ण है कि रमण रावल जी करीब 40 साल से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और निरंतर लेखन के साथ ही अपनी पुस्तकों का संपादन कर रहे हैं। इंदौर में वे कई प्रमुख समाचार पत्रों का दायित्व संभाल चुके हैं। उनका कहना है कि मैंने अब तक जो भी लिखा है, उसका आधार जनमानस की प्रतिक्रिया है। प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व का भी मैं, इसी आधार पर आकलन करता रहा हूँ। (4 नवंबर 2023 को रतलाम, मध्यप्रदेश में लेखक रमण रावल, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनपर लिखी पुस्तक दूसरी ‘युग-युग मोदी’ भेंट करते हुए।)
जैसे देख रहे थे श्री मोदी का भविष्य: उनकी यह बात उनके 2011 से 2014 तक लिखे लेखों में स्पष्ट रूप से सामने आती है। उन लेखों की टिप्पणियों और आकलनों से ऐसा लगता है कि जैसे वे प्रधानमंत्री मोदी के भविष्य को लिख रहे हों। मिसाल के लिये उन्होंने 19 अक्टूबर 2014 को वीकेंड पोस्ट में प्रकाशित अपने लेख में लिखा था – ‘नरेंद्र मोदी के दिल्ली उदय की पृष्ठभूमि तैयार होती साफ़ नज़र आती है’। इसी तरह 17 मई 2014 को इसी साप्ताहिक में उन्होंने यह भी लिखा – ‘वे (कांग्रेस और विपक्षी दल) जानते हैं कि मोदी यदि देश के प्रधानमंत्री बने तो 10 साल से पहले बीजेपी की सरकार हटने वाली नहीं है। इतना ही नहीं, वे क्षेत्रीय दलों को भी अप्रासंगिक कर देंगे’। (फाइल फोटो: 5 मार्च 2015 को खंडवा, मध्यप्रदेश के संत सिंगाजी पावर प्लांट के कार्यक्रम में लेखक रमण रावल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर उन्हें अपनी पहली पुस्तक ‘मोदी युग’ भेंट की थी।)
मोदी सरकार की वापसी का भरोसा था: 2019 में मोदी सरकार की वापसी को लेकर भी आशंकाएं जताई जा रही थीं, तब भी रमण रावल अपने विश्षेलषण में बीजेपी की जीत और श्री मोदी के पीएम बनने को लेकर आश्वस्त थे। उनकी मान्यता थी – ‘जिस तरह से समूचा विपक्ष भूखे भेड़िये की तरह सत्ता के शिकार को लालायित है और मोदी को घेरकर चौतरफ़ा हमला कर रहा है, उसमें ज़्यादा संभावना तो यही है कि भाजपा 300 के पार निकल जाये’। वैसा हुआ भी। इस दौरान रमण रावल मीडिया के ग़लत आकलन को भी निशाने पर लेते रहे, जिसकी सुई बीजेपी के लिये 200 से 240 के आसपास अटकी हुई थी। (फाइल फोटो:20 जुलाई 2014 को इंदौर में मोदी युग के लोकार्पण, चित्र में दिखाई दे रहे हैं तत्कालीन प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे। साथ में मौजूद हैं विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती रेखा रावल और श्याम सलोनी रावल।)
आरएसएस, बीजेपी के कर्णाधार मोदी: रमण रावल की नज़र में मोदी एक ऐसे युग पुरूष हैं जिन्होंने आरएसएस के संस्थापकों और बीजेपी के पितृ पुरूषों और महानायकों के सपनों को साकार करने का काम किया है। अटलजी द्वारा तैयार की गई मज़बूत नींव पर अभेद्य किले का निर्माण किया है। वे लिखते हैं, अगले अनेक बरस भारतीय राजनीति का केंद्र निसंदेह नरेंद्र मोदी और बीजेपी रहेगी। 2014 से 2024 का कालखंड भारत के इतिहास में नये युग की शुरूआत माना जायेगा जो प्रकारातंर से ‘मोदी युग’ ही कहलायेगा। हालांकि दो बार सत्ता में रहने की वजह से ज़िम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ गया है। ( इस पुस्तक ‘युग-युग मोदी’का प्रकाशन सौ टंच फीचर्स एवं प्रकाशन, इंदौर ने किया है। पुस्तक का मूल्य 250 रूपये है। पुस्तक को मंगाने के लिये संपर्क – ramanrawal1975@gmail.com / मोबाइल: 94250-56117) आगे पढ़िये –

