रायपुर के गुनरस पिया फाउंडेशन ने पं गुणवंत व्यास की नौवीं पुण्यतिथि के अवसर पर वृन्दावन हाल में दो दिनी राष्ट्रीय संगीत सेमिनार का आयोजन किया। गुनरस पिया संगीत सभा 2019 में कई लोगों ने बड़े संगीतकारों को सुना और उनसे गायन की बारीकियाँ और रागों को पहचानने के गुर सीखे।
विद्यार्थियों ने दी अपने संगीत गुरु को स्वरांजली : कार्यक्रम के प्रारम्भ में संस्थान की रचना चांडक और श्रीवल्ली बुरेला ने प्रज्ञा त्रिवेदी रचित गुरु वंदना से स्वरांजलि की प्रस्तुति दी। इसके बाद नीरजा वाघ ने राग यमन में ‘आज मोरे प्रीतम घर आए…’ की सुमधुर प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सीखाई गायन और रागों की बारीकियाँ : खासतौर पर नयी पीढ़ी जिस तरह शास्त्रीय संगीत से दूर होती जा रही है, उन्हें फिर से इस तरफ जोड़ने की कोशिश में यह आयोजन महत्त्वपूर्ण रहा। संगीत विभूतियों, डॉ स्नेहाशीष दास और डॉ जयश्री वैष्णव ने संगीत में रूचि रखने वाले श्रोताओं तथा संगीत के विद्यार्थियों को रियाज़ और सुर साधने के तरीके बताए. उन्होंने यहाँ मौजूद लोगों को साँस से जुड़ी जानकारियाँ दी और कुछ सरल प्रयोग भी करते हुए दिखाया। उन्होंने बताया कि किस तरह कुछ सरल तकनीकों से आप अपनी आवाज को सुमधुर बनाकर सुर को साध सकते हो। उन्होंने एक-एक स्वर के ठहराव को प्रायोगिक रूप में दिखाया।
पक्के गाने की सधी आवाज़ पर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता : डॉ. स्नेहाशीष दास ने राग बिहाग में बड़ा ख्याल, राग खमाज में होरी और रागमाला प्रस्तुत की। डॉ जयश्री वैष्णव ने राग रागेश्री में बड़ा ख्याल, राग चन्द्रकौंस और राग भैरवी में रचना से सभा का समापन किया। तबले पर मिलिंद वैष्णव और समीर जगताप, वायलिन पर शिरीष भा लेराव तथा हारमोनियम पर संदीप गुरमुले ने संगत की।
युवा गायकों के लिए बेहतर करने का मौका उपलब्ध कराना ही उद्देश्य : गुनरस पिया फाउंडेशन के निदेशक दीपक व्यास ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में उभरते हुए संभावनाशील गायक कलाकारों को आगे लाकर उन्हें अपनी गायन शैली में कुछ नया और बेहतर करने का मौका उपलब्ध कराना है। इसमें महाराष्ट्र, उड़ीसा और मध्य प्रदेश के विद्यार्थी शामिल थे।

