27 मार्च, नई दिल्ली (इंदौर स्टुडियो )। ‘ज़िदंगी और नाटक एक है क्योंकि ज़िदंगी में ही नाटक है। कितने चेहरे,कितने मुखौटे लगाकर हम कितने सारे रिश्ते जीते हैं। यानी ये जीवन भी एक थियेटर है। हर इंसान एक एक्टर है।’ विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह बात विद्यालय के निदेशक वामन केंद्रे ने कही। उन्होंने अपने संबोंधन में जीवन और कला की व्याख्या की। साथ ही आठवें थिएटर ओलिम्पिक के देशभर में जारी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में रानावि के जनसंपर्क अधिकारी एके बरुआ भी मौजूद थे। यहां हम वामन केंद्रे के भाषण का ये वीडियो आपके लिये शेयर कर रहे हैं। ज़रूर सुनें और शेयर करें।
Bahut sundar ,,,yek chat ke niche rang birange ful ,,badhai