कला प्रतिनिधि, इंदौर स्टूडियो। वरिष्ठ रंगकर्मी, लेखक और पत्रकार आलोक शुक्ला के नए कहानी संग्रह “इस दीवार पर कोई खिड़की नहीं” का लोकार्पण रविवार को स्थानीय घरौंदा बाल आश्रम में संपन्न हुआ। इंडिया नेटबुक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित इस संग्रह में कुल 22 कहानियाँ हैं, जो समकालीन समाज, मानवीय रिश्तों और बदलते परिवेश को दर्शाती हैं।
इन अतिथियों की रही उपस्थिति:
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ उच्च न्यायालय के मुख्य रजिस्ट्रार डॉ. महेन्द्र भीष्म उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आईटी विशेषज्ञ अनिल उपाध्याय, डॉ. रत्नाकर लाल, शिक्षाविद् सुमित्रा शर्मा, निरुपमा बडेरा, डॉ. रत्ना पनिकर, साहित्यकार सुभाष अखिल, सीमा कुमार, किन्नर विमर्श विशेषज्ञ डॉ. भारती (शिमला) और प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच संचालन रंगकर्मी टेकचन्द ने किया।
साहित्य और रंगमंच में योगदान की सराहना:
कार्यक्रम में वक्ताओं ने आलोक शुक्ला के साहित्यिक और रंगमंचीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कहानियाँ पाठकों को गंभीर चिंतन के लिए प्रेरित करती हैं। विदित हो कि यह शुक्ला की आठवीं प्रकाशित कृति है। इससे पूर्व उनके नाटक संग्रह, संस्मरण, शोधग्रंथ और काव्य संग्रह सहित सात अन्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। नई पुस्तक अमेज़न, फ्लिपकार्ट और प्रकाशक की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आगे पढ़िये- रंगमंच के सितारों का दीक्षारंभ –https://indorestudio.com/nsd-deeksharambh-samaroh-2026-new-batch/

